युवक ने बताया कि मुझे वह लिंक मिल पाया जिससे मैं चालान की प्रति देख पाया। जो नहीं देख पाते होंगे वे तो चालान का पैसा फिजूल में भर देते होंगे। इस तरह यातायात विभाग लोगों को परेशान कर चूना लगाने का काम कर रहा है।
मामले में यातायात प्रभारी मनोज कुमार ने कहा कि डेटा फिडिंग में गड़बड़ी से ऐसा हुआ होगा। ऐसे कई लोगों का चालान हो जाता है। जिसे बाद में सुधारा जाता है। युवक एक आवेदन कर देंगे कि हमारा गलत चालान हुआ है तो यह निरस्त हो जाएगा।