जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी नगर में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा है। नगर के नई बस्ती क्षेत्र में ये पशु सड़क पर टहलते और आसपास बैठे देखे जा सकते हैं। सुबह धूप लेने के लिए ये पशु सड़क के बीचोबीच भी खड़े हो जा रहे हैं जिससे दुर्घटना के साथ ही जाम भी लग जाता है। लेकिन इनको पकड़ने वाला कोई नहीं है।
जिलाधिकारी संजीव सिंह ने अधिकारियों की बैठक में सख्त निर्देश दिए थे कि जिले में कहीं भी छुट्टा पशु नहीं दिखने चाहिए। किसी भी अधिकारी को यह दिखें तो इन्हें पशु आश्रय केंद्र में भिजवा दें। खासकर जिलाधिकारी ने लेखपालों को इसकी विशेष जिम्मेदारी दी थी। जिलाधिकारी के आदेेश के दो-चार दिनों तक तो नगर पालिका का सचल पशु दस्ता सक्रिय रहा पर उसके बाद उसका कहीं अता-पता नहीं है। आलम यह है कि नगर में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा लग रहा है। खासकर नई बस्ती क्षेत्र में सड़क पर खुलेआम विचरण करते हर समय 10 से ज्यादा पशु दिख जाएंगे। सुबह के समय तो ये बीच सड़क पर खड़े हो जा रहे हैं जिससे जाम की लग जाता है वहीं कभी-कभी इनके वजह से गिरकर लोग चोटिल भी हो जाते हैं। इनके गोबर आदि से सड़क पर गंदगी रहती है। इनको पशु आश्रय केंद्र भेजना तो दूर इनकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं। 15 दिनों पहले गुरुद्वारा के पास वाहन के धक्के से एक गाय अधमरी हो गई थी शिकायत के बाद भी विभाग के कर्मचारी नहीं पहुंचे। स्थानीय लोगों ने उसे दवा कराया। डांडी के पास वाहन के धक्के से एक बछड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया। वह काफी दिनों तक सड़क के किनारे पड़ा रहा पर उसकी सुध किसी ने नहीं ली।
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छुट्टा पशुओं को लेकर पालिका की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सैकड़ों की संख्या में पशुओं को पकड़कर पशु आश्रय केंद्र भेजा जा चुका है। दरअसल गांव क्षेत्र के लोग खेत से इन पशुओं को हांककर शहर में छोड़ देते हैं जिससे इनकी संख्या बढ़ती है। इन्हें भी जल्द पकड़कर आश्रय केंद्र भेजा जाएगा।- कृष्णचंद्र, ईओ, नगर पालिका परिषद, पीडीडीयू नगर