कंदवा (चंदौली)। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से शुक्रवार को प्रदेश के नामचीन साहित्यकारों को पुरस्कृत और सम्मानित करने के लिए उनके नामों की घोषणा कर दी गई। इसमें उन साहित्यकारों को सम्मानित किया जाना है जिनकी रचनाएं वर्ष 2019 में प्रकाशित हो चुकी हैं। इन नामों में एक नाम चंदौली जिले के बरहनी ब्लाक के ग्राम रामपुर के रहने वाले डॉ. केशरी नारायण का भी शामिल है। भाषा विज्ञान के क्षेत्र में उनकी रचना ‘खड़ी बोली की विकास यात्रा’ के लिए किशोरदास वाजपेयी पुरस्कार से नवाजा जाएगा। साथ ही सर्जना पुरस्कार के तहत 40 हजार रुपये की धनराशि भी दी जाएगी।
बरहनी ब्लाक के रामपुर गांव के रहने वाले डॉ. केशरी नारायण की प्रारंभिक शिक्षा गांव से हुई। हाईस्कूल की शिक्षा उन्होंने नेशनल इंटर कालेज सैयदराजा से पूरी की। इंटर और स्नातक उन्होंने डीएवी कालेज से और एमए की पढ़ाई महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के किया। इसके बाद पीएचडी की उपाधि उन्होंने बीएचयू से मिली। कई वर्षों से वह अब वाराणसी में रहते हैं। डॉ. केशरी नारायण ने बताया कि वह नागरी प्रचारिणी सभा काशी में 1964 से 1975 तक विभिन्न पदों पर रहे। इसके बाद प्रयागराज में हिंदी साहित्य सम्मेलन में विभिन्न पदों पर रहे।
वह पंडित कमलापति त्रिपाठी, हजारी प्रसाद द्विवेदी और लक्ष्मीनारायण मिश्र सहित बड़े साहित्यकारों के सानिध्य में रहे। उन्होंने बताया कि उनकी अब तक ‘मानस में विदेश शब्द, ‘राजा शिवप्रसाद’ ‘सितारेहिंद’, ‘खड़ी बोली की विकास यात्रा’ और ‘हिंदी गद्य और राजा शिवप्रसाद’ ‘सितारेहिंद’ रचनाएं आ चुकी है। उन्होंने कहा कि एक साहित्यकार के लिए सम्मान पाना खुशी की बात है। वहीं सम्मान मिलने के साथ ही उसकी चुनौती भी समाज और देश के लिए बढ़ जाती है। ऐसे में युवा पीढ़ी से आह्वान है कि वे साहित्य के क्षेत्र में आगे आएं और देश और समाजहित में कार्य करें।