पीडीडीयू नगर। रेलवे में ठेकेदारी पर काम करने के लिए वर्चस्व की लड़ाई रूकने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार की शाम डीआरएम आफिस परिसर में किसी काम से पहुंचे वैगन रिपेयरिंग ठेकेदार को एक बड़ी कंपनी के कर्मियों ने गेट पर ही रोक दिया। बात बढ़ी तो दोनों पक्षों में विवाद हो गया। इससे मौके पर अफरा तफरी मच गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया। इसको लेकर चर्चा होती रही।
रेलवे में ठेकेदारी को लेकर अक्सर विवाद होता रहता है। पूर्व में ठेका कंपनी के अधिकारी सपन डे की मालगोदाम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। बावजूद इसके ठेकेदारी पर काम करने के लिए एक दूसरे में वर्चस्व की लड़ाई जारी है। मंगलवार की शाम तीन बजे वैगन रिपेयरिंग के ठेकेदार डीआरएम कार्यालय पहुंचे। उनका मैकेनिकल विभाग में कोई काम शुरू होने वाला था। ठेकेदार के आने की भनक लगी तो एक बड़ी कंपनी का काम देखने वाले कर्मी ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। कर्मी ने ठेकेदार से सब कांट्रैक्ट पर काम देने की बात कही। इस पर ठेकेदार ने ऐसा करने से मना कर दिया। फिर कुछ लोगों ने ठेकेदार को अंदर ही जाने नहीं दिया। इसकी जानकारी हुई तो डीआरएम कार्यालय में अफरा तफरी मच गई। सूचना पर तत्काल पुलिस पहुंच गई और बीच बचाव किया।
पीडीडीयू नगर। स्थानीय रेलवे स्टेशन के रिटायरिंग रूम में सिग्नल विभाग के तीन जेई के जबरन घुसने और पकड़े जाने को लेकर विभाग में चर्चा हो रही है। मजिस्ट्रेट चेेकिंग के दौरान अधिकारियों के गलत ढंग से पकड़े जाने से अधिकरियों कर्मचारियों में खलबली की स्थिति रही।
यात्रियों को ठहरने के लिए रेलवे स्टेशन पर रिटायरिंग रूम बनाया गया है। ऑनलाइन इसकी बुकिंग होती है। अक्सर ही खाली होने पर रिटायरिंग रूम में रेलवे के अधिकारी बैठ जाते हैं। मंगलवार को मजिस्ट्रेट चेकिंग हो रही थी। रिटायरिंग रूम की जांच करने पर तीन जेई वहां खाना खाते मिले। तीनों को पकड़ कर जीआरपी के हवाले कर दिया गया। इसको लेकर सिग्नल विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई। बाद में सुलह समझौता के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इसको लेकर चर्चा रही।