बायोमेडिकल अपशिष्ट के प्रबंधन के लिए मंगलवार को पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय के सभागार में स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें डिपार्टमेंट आफ माइक्रो बायोलॉजी की ओर से आयोजित प्रशिक्षण में नर्सिंग इंचार्ज को प्रशिक्षित किया गया।
इस दौरान बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के उप प्राचार्य डॉक्टर नैंसी पारुल ने बताया कि अस्पतालों में उत्पन्न होने वाले खतरनाक अपशिष्ट जैसे सुई, सिरिंज, पट्टियां, रक्त से सने सामग्री आदि का सही तरीके से निस्तारण करना आवश्यक है।
इससे संक्रमण फैलने के साथ पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। मरीजों को हाथ धोना, स्टेरिलाइजेशन,सफाई, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट का उपयोग कराया जाना जरूरी है। इस दौरान विभागाध्यक्ष डा गोपाल वनवाणी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्वेता सिंह, संजोती गुप्ता, अंचल आदि उपस्थित रही।