पीडीडीयू नगर। नगर पालिका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर किये गये तमाम उपाय फिसड्डी साबित हो रहे है। सफाईकर्मियों की लापरवाही के चलते गली से लेकर सड़क तक गंदगी फैली रहती है। इसके साथ सफाई के अभाव में नालियों में उठ रही दुर्गंध से लोगों को जीना कठिन हो गया है। इन हालातों के बीच नगर पालिका अधिकारियों की ओर से रैंकिंग सुधारने के लिए किये जा रहे प्रयास हवा हवाई साबित होंगे।
नगर क्षेत्र अंतर्गत 25 वार्डों में साफ-सफाई के लिए नगर पालिका के पास सफाईकर्मियों की भारी भरकम फौज मौजूद है। नगर पालिका के पास सफाई के लिए 275 से अधिक कर्मचारी नियुक्त है। सफाई के लिए आवश्यक सभी संसाधन भी उपलब्ध है। जिसमें जेसीबी, कूड़ा गाड़ी, हाथ ठेला, झाड़ू समेत अन्य उपकरण शामिल है। इन तमाम सुविधाओं के बाद नगर क्षेत्र के वार्डों में गंदगी फैली रहती है। कहीं-कही वार्डों में दिनभर कचरा पड़ा रहता है। सफाईकर्मियों की लापरवाही का आलम यह है कि कूड़े को उठाकर ठेले में भरने के बजाय कई बार उसे किनारे करके छोड़ दिया जाता है। नालियों की भी सफाई नहीं होती है। सफाईकर्मियों की लापरवाही के चलते वर्ष 2021 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत जारी की गई रैंकिंग में नगर पालिका 65 पायदान नीचे गिरते हुए 369 रैंक पर पहुंच गया था। जबकि वर्ष 2020 में नगर पालिका ने 302 रैंकिंग प्राप्त हुई थी। इस बार भी सफाई ठीक तरीके से नहीं हुई तो नगर पालिका की रैंकिंग और अधिक खराब हो सकती है।