चहनियां। मंगलवार मौनी अमावस्या पर बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा घाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। भोर से दोपहर बाहर तक गंगा स्नान का सिलसिला चलता रहा। दिन भर हर हर गंगे की गूंज होती रही। स्नानार्थियों ने घाट के समीप लगे मेले में खरीदारी की। इस दौरान यहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे।
माघ मास के कृष्ण पक्ष के अमास्या पर पश्चिमवाहिनी गंगा में डुबकी लगाने का अत्यधिक महत्व है। गंगा स्नान के लिए जिले के साथ ही बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों से लाखों स्नानार्थी रात से ही बलुआ पहुंचने लगे। चहनियां बाजार से गंगा घाट तक पूरे रास्ते पर स्नानार्थियों की भीड़ रही। प्रशासन की ओर से बनाए गए रैन बसेरा, कॉलेजों, प्राथमिक विद्यालयों में भी लोग ठहरे रहे। मंगलवार की भोर से गंगा में डूबकी लगाने का सलसिला शुरू हुआ तो दिनभर यह सिलसिला चलता रहा। इस दौरान घना कोहरा स्नानार्थियों की परीक्षा ले रही थी लेकिन श्रदालुओं के चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखी। लोगों ने आस्था के वशीभूत होकर हर हर गंगे के जयकारे के बीच गंगा में डूबकी लगाई। भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बस की तैनाती की थी। गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायवाल ने लोगों की मदद में जुटे रहे। एसडीएम अजय मिश्रा, क्षेत्राधिकारी अनिरुद्ध सिंह, बलुआ थानाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी आदि भी दिन भर मेला क्षेत्र का चक्रमण करते रहे।
चहनियां। मौनी अमावस्या माघ मेला में पश्चिमवाहिनी गंगा में स्नान करने के बाद लोगों ने मेले में खरीदारी की। चहनियां से बलुआ तक दुकानें सजी रही। यहां लोग खरीदारी में जुटे रहे। बलुआ खेल मैदान में झूला, चाट, पकौड़ी, गुड़हिया जलेबी, मिठाई, फल, बिसातबाने की दुकानों पर अधिक भीड़ रही। वहीं महिलाओं ने सील, लोढ़ा, ओखल, मुसल सहित गृह उपयोगी सामान की खरीदारी की गई।
चहनियां। पश्चिमवाहिनी गंगा घाट बलुआ में लाखों की संख्या में आए श्रद्धालुओं को संभालने में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी के साथ स्वयं सेवी संगठन के सदस्य जुटे रहे। जगह जगह खोया पाया केंद्र बनाकर लोगों की सहायता की गई। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से स्वास्थ्य कैंप लगाया या। इसके साथ ही आस पास के प्रधान, समाजसेवियों ने अपनी तरफ से पेयजल के लिए प्याऊ, अलाव की व्यवस्था की गई थी।
चहनियां। कोरोना में सोशल डिस्टेसिंग पर जोर दिया जा रहा है। वहीं स्नान पर्व पर पश्चिमवाहिनी बलुआ गंगा घाट पर कोरोना का कोई प्रभाव नहीं दिखा। श्रद्धालु हर हर गंगे के जयकारे लगाते हुए भीड़ के बीच न सिर्फ गंगा में डूबकी लगाई बल्कि मेले में बिना भय के खूब खरीदारी की।