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विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्वीकृत है चालीस करोड़

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चंदौली। जिला पंचायत के तहत गांवों के विकास कार्य के लिए वित्तीय वर्ष 2020 -21 में राज्य वित्त आयोग, पंद्रहवें वित्त और मनरेगा से 40 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृति हैं। बुधवार की आधी रात से जिला पंचायत के कार्यकाल खत्म हो गए। इसके बाद जिला पंचायत के तहत चल रहे कार्यों को प्रशासक की निगरानी में कराए जाएंगे। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी का कहना है कि कोई भी विकास के कार्य चल रहे हैँ, वह प्रभावित नहीं होंगे और उसे समय से पूरा कराया जाएगा।
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जिला पंचायत में राज्य वित्त आयोग से 10 करोड़ आवंटित है। इसमें 4 करोड़ 90 लाख मिल भी चुके हैँ और 4 करोड़ 30 लाख रुपये विकास कार्य पर खर्च किए जा चुके हैं। इसमें मार्ग मरम्मत से लेकर धर्मिक स्थल कार्य, टिनशेड का कार्य, सीसी रोड, सीवर, नाला, छोटे पुल और पुलिया के कार्य अपूर्ण है।
इसी तरह 15वें वित्त से वार्षिक आवंटन 16 करोड़ है। इसमें 8 करोड़ 22 लाख की धनराशि मिल चुकी है। इसमें करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च हुआ है। इसमें मार्ग अनुरक्षण, सामुदायिक स्थानों पर शौचालय, जलनिकासी सीवर, आरसीसी, ढक्कनदार सीवर, जल संचय, प्रतिरोधक दीवार आदि कार्य है। वहीं मनरेगा से 14 करोड़ 9 लाख 39 हजार की धनराशि आवंटित है। इसमें 8 करोड़ 45 लाख 64 हजार मिला है। इसमें टोटल 192 कार्य स्वीकृत है। जिसमें इंटरलॉकिंग, खड़ंजा, मिट्टी कार्य और तालाब सीढ़ी निर्माण कार्य है। इसमें 112 कार्य प्रगति पर है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी कमलेश सिंह का कहना है कि अधिकार सीज होने के बाद जो विकास कार्य शुरू हो चुुके हैँ उनकार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी कार्यों को पूरा कराया जाएगा।
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चंदौली। ग्राम पंचायतों के बाद जिला पंचायत का कार्यकाल भी बुधवार की आधी रात के बाद से खत्म हो गया। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष के अधिकार भी छिन गए। इसी के साथ 35 जिला पंचायत सदस्यों के कार्यकाल भी समाप्त हो गए। अब शासन के निर्देश पर जिला पंचायत में प्रशासक नियुक्त होंगे और उनकी देखरेख में चल रहे विकास कार्यों को गति दी जाएगी। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता सिंह दिनभर कार्यालय में कामकाज निबटाती रहीं। इस दौरान कार्य कराने वाले ठेकेदार से लेकर अन्य लोग अपने भुगतान के लिए दिनभर वहां डटे रहे।
बुधवार को कार्यालय में कामकाज का आखिरी दिन होने के कारण विभिन्न परियोजनाओं, योजनाओं व कार्यों के भुगतान के लिए पूरे दिन ठेकेदार हलकान नजर आए। उधर, दूसरी ओर डोंगल काम नहीं होने से भुगतान प्रक्रिया में कई बार बाधा आई।
पहले ग्राम पंचायत स्तर की समितियों को भंग कर प्रधानों से वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ले लिए गए, वहीं बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के कार्यकाल का अंतिम दिन रहा। इस दौरान पूरे दिन कार्यालय पर अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा अध्यक्ष सरिता सिंह व विभाग से जुड़े ठेकेदारों की भारी भीड़ देखने को मिली। पूरे दिन विभाग के कर्मचारी विभिन्न मंदों में भुगतान करने में व्यस्त रहे। ऐसे में डिजिटल सिग्नेचर यानी डोंगल ने भी कई बार जवाब दे दिया, जिससे बीच-बीच में भुगतान की प्रक्रिया कर्मचारियों को रोकनी पड़ी। अध्यक्ष सरिता सिंह ने अधूरे पड़े विभागीय कामकाज का निस्तारण किया और अपने वाहन से तिरंगे झंडे को भी उतार दिया।
चंदौली। जिला पंचायत का कार्यकाल बुधवार की आधी रात के बाद खत्म हो गया। इसके साथ ही अध्यक्ष का अधिकार भी सीज हो गया। जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता सिंह ने कहा कि पांच साल में 90 करोड़ से अधिक रुपये के विकास कार्य कराए गए। इस वित्तीय वर्ष में भी शहीद स्थल, पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थलों के साथ-साथ सड़क, नाली, खड़ंजा सहित अन्य विकास के कार्य कराए गए। जो भी कार्य चल रहे हैं उसमें 80 फीसदी कार्य भी लगभग पूरे हो चुके हैं। जिला पंचायत से जिले के सभी 734 गांवों में जरूरत के विकास कार्य कराए गए हैं। इससे गांव की तस्वीर बदली है। जिला पंचायत में 35 सदस्य के अलावा चार विधायक, एक सांसद, दो एमएलसी की तरफ से दिए गए प्रस्ताव धनराशि उपलब्धता के आधार पर निर्माण कार्य किया गया है और कराया भी जा रहा है।
जिला पंचायत का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही अध्यक्ष के अधिकार बुधवार की रात सीज कर दिए गए। जनपद के कोई भी विकास कार्य अवरूद्ध नहीं होंगे। शासनादेश प्राप्त होते ही जिलाधिकारी प्रशासक के रूप में नियुक्त हो जाएंगे। कमलेश सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत।
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