नौगढ़। वनभूमि से बेदखल किए जाने का आरोप लगाते हुए क्षेत्र के वनवासियों ने बृहस्पतिवार को मजदूर किसान मंच के जिला प्रभारी अजय राय के नेतृत्व में तहसीलदार को पत्रक सौंपा। इस दौरान उन्होंने वनभूमि पर निवास करने वाले वनवासियों का उत्पीड़न रोकने व उनपर मुकदमा दर्ज न किए जाने की मांग की।
कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर वन विभाग नौगढ़ में वनाधिकार कानून के तहत वन भूमि पर दावा करने वाले अनुसूचित जनजातियों और परंपरागत वन निवासियों पर उत्पीड़न कर उन्हें जमीन से बेदखल कर रहा है। वनवासी महासभा की ओर से न्यायालय में दाखिल जनहित याचिका में मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने 24 नवंबर, वर्ष 2017 को दिए आदेश में वनाधिकार कानून के तहत दावा करने वाले अनुसूचित जनजातियों और परंपरागत वन निवासियों के उत्पीडन पर रोक लगाई है।बावजूद इसके तहसील में वन विभाग द्वारा वनाधिकार कानून के तहत दावा करने वाले ग्रामीणों को उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल किया जा रहा है। इन जमीनों पर गड्ढे खोदवाए जा रहे हैं। वन विभाग ने बड़े पैमाने पर ग्रामीणों पर मुकदमा भी कायम कर दिया है। वन विभाग द्वारा की जा रही उत्पीड़न की यह कार्रवाई विधि के प्रतिकूल और उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना है। मजदूर किसान मंच के प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार से कहा कि नौगढ़ व मंझगाई रेंज वन विभाग को निर्देशित करे कि वह उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करे और वनाधिकार कानून के तहत दावा करने वाले वन निवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीन से न तो बेदखल किया जाए और न ही उनपर मुकदमा किया जाए। पत्रक सौंपने वालों में रहीमुद्दीन, गंगा चेरो, नासीर, फिरोज, इब्राहिम शामिल रहे।