पीडीडीयू नगर। सर्पदंश पर मौत पर अब एक सप्ताह के अंदर मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी। सर्पदंश से होने वाली मौत को शासन ने राज्य आपदा घोषित कर दिया है। इसके तहत दिवंगत व्यक्ति के स्वजन सरकारी मुआवजे का हकदार होंगे। राशि पाने के लिए स्वजन को अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। सत्यापन और जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद राशि मिलने का प्रावधान है।
शासन ने फिर से नई व्यवस्था बनाकर सर्पदंश से मौत पर राहत राशि दिए जाने का शासनादेश जारी किया है। इसमें साफ कर दिया है कि पोस्टमार्टम में बिसरा रिपोर्ट जरूरी नहीं है। फारेंसिक स्टेट लीगल सेल की मानें तो बिसरा की जांच में सर्पदंश प्रमाणित नहीं होता है। ऐसे में बिसरा सुरक्षित किया जाने का कोई मतलब नहीं रह जाता है। अपर मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिलाधिकारी सात दिनों में सर्पदंश से मृतक परिवार को राहत राशि देने की शासन की मंशा को साकार करें। बिसरा जांच की व्यवस्था को राहत वितरण में शामिल नहीं किया जाएगा।
पीडीडीयू नगर। शासन ने अब कुआं, नदी, झील, तालाब, पोखरा, नहर, नाला, गड्ढा, जल प्रपात आदि में डूबने से होने वाली मौत को भी राज्य आपदा घोषित किया है। मृतक के आश्रितों को राज्य आपदा मोचक निधि से चार लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी। सहायता राशि उन्हीं मामलों में मिलेगी, जिनमें मौत आपदा के कारण या दुर्घटनावश डूबने से हुई हो। आत्महत्या या किसी आपराधिक कृत्य के कारण डूबने से होने वाली मौत के लिए सहायता राशि नहीं दी जाएगी। मौत आपदा या दुर्घटनावश डूबने से हुई है या आत्महत्या के कारण। इसका अंतिम निर्णय जिला प्रशासन लेगा।
सर्पदंश के बाद मृत्यु होने पर मृतक का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बिसरा प्रिजर्ब करने की आवश्यकता नहीं होगी। मृतक के आश्रितों को सात दिन के भीतर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। डूबने से हुई मौत पर भी आर्थिक मदद दी जाएगी।-
- संजीव सिंह, जिलाधिकारी।