पीडीडीयू नगर। चंदौली निवासी भाजपा की राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने सदन में विशेष उल्लेख के माध्यम से चंदौली में पशु चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना की मांग रखी। उनके इस प्रस्ताव को पूर्वांचल क्षेत्र के किसानों, पशुपालकों और युवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
राज्यसभा में अपने वक्तव्य के दौरान दर्शना सिंह ने कहा कि चंदौली एक कृषि प्रधान जनपद है। यहां बड़ी संख्या में किसान पशुपालन, डेयरी और पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि पशुधन आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन चुका है। इसे वैज्ञानिक प्रशिक्षण तथा आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से और सशक्त किया जाना आवश्यक है। कहा कि यदि चंदौली में पशु चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किया जाता है, तो इससे पूरे पूर्वांचल क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा। कहा कि पशुपालन क्षेत्र में अपार संभावनाएं, पर सुविधाओं की कमी है। चंदौली में दूध, अंडा, मांस, ऊन और बकरी पालन जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से विस्तार हो रहा है। उन्नत पशु चिकित्सा सेवाओं, अनुसंधान और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की कमी के कारण किसानों को कई बार समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यहां पशु चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित होता है, तो पशुओं के रोग नियंत्रण और उपचार में व्यापक सुधार होगा, नस्ल सुधार कार्यक्रमों को गति मिलेगी, दुग्ध एवं अन्य पशु उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि होगी। इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव होगी। यही नहीं इससे युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार का नया केंद्र बनेगा।