चकिया। खेतों की सिंचाई के लिए पानी का प्रमुख स्रोत चंद्रप्रभा बांध के सुलूस गेट की कपलिंग छह माह से खराब है। ऐसे में गेट बंद न होने से लगातार इसका पानी रिस रहा है। प्रतिदिन तीन सौ क्यूसेक पानी बेकार बह रहा है। गर्मी की अभी शुरूआत हुई है और सिंचाई के लिए अभी पानी की आवश्यकता नहीं है। ऐसे में इस तरह लगातार पानी बहने से बांध का पानी जरूरत के समय खाली हो जाएगा।
इस वर्ष अच्छी बारिश के कारण चंद्रप्रभा बांध पानी से भर गया है। इस बीच रबी की सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता होने पर बांध के सुलूस गेट को खोल कर नहर में पानी छोड़ा गया। बाद में जब इसे बंद किया गया तो कपलिंग खराब होने से गेट पूरी तरह बंद नहीं हो पाया। ऐसे में पिछले छह माह से लगातार तीन सौ क्यूसेक पानी रोजाना बह रहा है। अब धान की नर्सरी के लिए पानी की आवश्यकता होगी। उसके पहले गर्मी में वन्य जीवों को पानी पीने के लिए नहर में पानी छोड़ा जाता है। गर्मी के दिन में चंद्रप्रभा बांध का पानी वन्य जीवों के लिए बहुत उपयोगी होता है। जिस तरह से लगातार पानी बह रहा है। इससे गर्मी में पानी की कमी होने की आशंका है। ऐसा नहीं है कि विभागीय अधिकारी इससे अनजान है। पिछले माह ही जूनियन इंजीनियर स्थानीय तकनिशियन की सहायता से गेट को बंद करने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। इस संबंध में चंद्रप्रभा प्रखंड के अधिशासी अभियंता सर्वेशचंद्र सिन्हा ने बताया कि चंद्रप्रभा बांध के सुलुस गेट की कपलिग खराब हो गई है। स्थानीय तकनीशियन से बनवाने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जल्द ही इसे ठीक कराया जाएगा।