शोर सुनकर परिवार वाले जाग गए और उसके पास पहुंचकर आयुशी को तार से अलग किया, लेकिन उसने तब तक दम तोड़ दिया था। मां सीता देवी, दो भाई आशुतोष व परितोष का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और घर में मातम छा गया है। वहीं घर में चचेरी बहन दिव्या यादव पुत्री रणजीत यादव की शादी शनिवार को है। बरात जौनपुर के नरकट्टा गांव से आ रही है। इसके मद्देनजर परिवार वालों ने आयुशी के शव को ननिहाल रमौली में रख दिया है।
शादी की रस्म पूरी होने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह वह पल है कि एक ही परिवार में गम और खुशी दोनों है।