सैयदराजा। क्षेत्र में सोमवार की रात सरस्वती की मूर्ति विसर्जन के दौरान उस समय तनाव फैल गया, जब सदर सीओ और सपा के पूर्व विधायक आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं, जिससे अफरातफरी मच गई। सीओ ने विधायक से कहा कि आप दंगा कराना चाहते हैं और हर बार इसी तरह का ड्रामा करते हैं। वहीं, पूर्व विधायक ने कहा कि एक विधायक के इशारे पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सैयदराजा में पूजा समिति की ओर से मूर्ति विसर्जन का जुलूस निकाला जा रहा था। समिति की ओर से अयोध्या के मिल्कीपुर से बड़ा डीजे मंगाया गया था, जिसे ट्रेलर पर लादकर जुलूस में शामिल किया गया। डीजे की तेज आवाज पर पुलिस पहले ही आयोजकों को सख्त निर्देश दे चुकी थी। बीच-बीच में आवाज तेज होने की शिकायत मिलती रही।
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के मद्देनजर विसर्जन के लिए मार्ग निर्धारित किया था, लेकिन आयोजक मंडल के कुछ युवक दूसरे मार्ग से जुलूस ले जाना चाह रहे थे। पुलिस के रोकने पर आयोजकों ने सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ को फोन कर मौके पर बुला लिया। पूर्व विधायक के पहुंचते ही माहौल गरमा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के विधायक दबाव में पुलिस विसर्जन में बाधा उत्पन्न कर रही है।
इस पर सदर सीओ देवेंद्र कुमार भड़क गए। सीओ ने पूर्व विधायक से कहा कि आप हर बार ड्रामा करते हैं और क्षेत्र में दंगा कराना चाहते हैं। इस दौरान दोनों में जमकर बहस हुई।
पूर्व विधायक ने कहा कि जब सरकार शंकराचार्य को संगम स्नान से रोक सकती है, तो आम लोगों को रोकना कोई बड़ी बात नहीं है। इस बयान से समर्थक उग्र हो गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर किया। सीओ ने कहा कि विसर्जन के लिए सुरक्षित मार्ग तय किया गया था, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर व्यवधान उत्पन्न कर रहे थे, जिससे शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका थी।
घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अधिकारियों के समझाने पर मूर्ति विसर्जन किया गया। सीओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के लिए मार्ग निर्धारित किया गया था लेकिन कुछ लोग व्यवधान उत्पन्न कर रहे थे।