चंदौली जिले के नगर पालिका कार्यालय परिसर स्थित सभागार में आयोजित जनप्रतिनिधि बोर्ड की बैठक में सभासद शहर में गंदगी को लेकर मुखर रहे। बैठक में उपस्थित सभी सभासदों ने एक साथ मिलकर गंदगी के मुद्दे पर अधिकारियों को घेरा। इस दौरान 16 प्रस्तावों में एक-दो प्रस्तावों को छोड़कर सभी को आमूलचूल संशोधन के साथ पास कर दिया।
नगर पालिका कार्यालय स्थित सभागार में शनिवार को चेयरमैन सोनू किन्नर की अध्यक्षता में कोरमपूर्ति के बाद दिन में लगभग साढ़े ग्यारह बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। बैठक के शुरू में पिछले कार्यवाही की पुष्टि के बिंदु पर सभासदों ने एक साथ मिलकर शहर में गंदगी का मुद्दा उठाया। सभासदों ने आरोप लगाया कि कई वार्डो में सफाई आते ही नहीं है इससे हमेशा गंदगी सड़कों पर फैली रहती है। इस पर प्रभारी ईओ ने शहर में सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाये जाने का आश्वासन देकर सभासदों को शांत करवाया।
बैठक में नगर शाहकुटी में डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के पास स्थित तालाब के सुंदरीकरण के प्रस्ताव को पास करने के साथ ही मुगलचक, राममंदिर क्षेत्र मवई खुर्द के तालाब को सुंदरीकरण का प्रस्ताव भी रखा। इसके साथ ही शहर में लगभग 3 करोड़ 94 लाख से होने वाले निर्माण कार्य पर भी स्वीकृति प्रदान की।
इसके अलावा आईजीआरएस के जरिये मिली शिकायतों के आधार पर शामिल छह सड़क व नाली निर्माण कार्य के प्रस्ताव को शासन को भेजकर धन मंगवाकर कार्य करवाने की स्वीकृति प्रदान की। इस मौके पर सभासद शैलेंद्र गुप्ता, बंशनारायण चौहान, अमित खरवार, महेंद्र पटेल, सुरेंद्र चौहान, पारस यादव, राजेश जायसवाल, सुनील विश्वकर्मा, आरती यादव, निधि तिवारी, भारती यादव, रत्ना गुप्ता आदि मौजूद रही। संचालन प्रभारी ईओ राजीव मोहन सक्सेना ने किया।
सभासद और कर्मचारी के बीच हुई बहस
पीडीडीयू नगर। नगर पालिका कार्यालय में चल रही बैठक में उस वक्त माहौल गर्म हो गया जब सभासद रमेश चौहान और जलकल विभाग के कर्मचारी श्याम बिहारी के बीच बहस हो गई। दरअसल सभासद रमेश चौहान ने बैठक के दौरान क्षेत्र में पानी की पाइप लिकेज होने पर कर्मचारी द्वारा उसे अनसुना किये जाने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि कर्मचारी ने उसका मोबाइल नंबर अपने फोन में ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। जिस पर कर्मचारी ने कहा कि सभासद द्वारा फोन पर भद्दी गालियां दी जाती है। इसलिये ऐसा किया गया है। इसके बाद माहौल गर्म हो गया। सभासद भी आग बबूला हो गये। वहीं कर्मचारी को गाली दिये जाने के मामले में जलकल के जेई अमर जीत और ईओ राजीव मोहन सक्सेना ने भी आपत्ति जताई। माहौल गर्म होते ही अन्य सभासद भी कुर्सी छोड़कर खड़े हो गये। बाद में अन्य सभासदों ने किसी माहौल को शांत करवाया।