कंदवा। क्षेत्र के करौती गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और पूरे गांव में मातम पसर गया है। वृद्ध पिता जीवनाथ यादव बेटे विक्रमा, बहू गिरजा और नतिनी रंगीता का शव देख आंखे पथरा गई। सदमे में न उनसे बात हो पा रही थी और आंख से आंसू निकल पा रहे थे। भाई चंद्रमा और घर की महिलाएं भी बेहाल थी। इस हृदय विदारक घटना से गांव का हर कोई हतप्रभ है। पति-पत्नी और बेटी की मौत ने गांव वालों को झकझोर कर रख दिया है। करौती और आस पास के गांवों में चर्चा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जिसकी वजह से तीनों ने ऐसा कदम उठाया और एक साथ अपनी इहलीला समाप्त कर ली।
करौती गांव में विक्रमा यादव (50) उसकी पत्नी गिरिजा देवी (45) और पुत्री रंगीता (16) ने रविवार की भोर में पटना पंडित दीनदयाल उपध्याय रेल रूट पर जमानिया बहोरा रेलवे स्टेशन के बीच डेढ़गांवा गांव के पास ट्रेन से कटकर जान दे दी। इस घटना के बाद परिवार ही नहीं पूरे गांव के लोग स्तब्ध हैं। मृत विक्रमा के पिता जीवनाथ यादव और बड़े भाई चंद्रमा यादव ने बताया कि शनिवार की शाम की ही उसका भाई विक्रमा अपनी पत्नी और पुत्री के साथ ससुराल जमानिया थाना के मंझरिया गांव जाने की बात कहकर घर से निकला था। आज ट्रेन से कटने की खबर मिली तो विश्वास नहीं हुआ । लेकिन जब मौके पर पहुंचा तो मंजर देखकर कलेजा मुंह को आ गया। विक्रमा ने परिवार संग घातक कदम क्यों उठाया, यह समझ में नहीं आ रहा है। चंद्रमा यादव बिहार के रामगढ़ विधानसभा के विधायक अशोक सिंह के ईंट भट्ठे पर मुनीम का कार्य करते हैं। चंद्रमा ने ही विक्रमा की पांच बेटियों में से चार बेटियों की शादी कर दी थी। मौत के बाद घर की महिलाओं का रो रो कर हाल बेहाल है। महिलाओं के करुण क्रंदन से पूरा माहौल गमगीन हो जा रहा था। गांव और आसपास यहीं चर्चा है कि आखिर ऐसा क्या हो गया जिसकी वजह से तीनों ने एक साथ अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत एक साथ होने के बाद गांव के कई घरों के चूल्हे तक नहीं जले। रविवार को गांव में सन्नाटा पसरा नजर आए तो बच्चे भी खेलते नजर नहीं आए। ग्रामीणों के अनुसार विक्रमा स्नातक थे। भले विक्रमा बीमारी से ग्रश्त थे लेकिन ग्रामीणों को किसी प्रकार की समस्या होने पर वे समझाते थे। गांव वाले उनकी बात मानते भी थे।
चंदौली। धीना थाना क्षेत्र के बहोरा गांव के समीप रविवार की सुबह किसी ट्रेन के चपेट में आने से पिता, माता व बेटी की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। जैसे ही तीनों शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा मौजूद लोगों की आंखे नम हो गई। हर कोई घटना से आहत था।
कंदवा। विक्रमा, उसकी पत्नी गिरजा और बेटी रंगीता के सामूहिक रूप से ट्रेन से कटकर आत्महत्या इलाके में चर्चा का विषय है। विक्रमा यादव काफी दिनों से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित थे और उनका इलाज पिछले चार वर्षों से नैनी प्रयागराज स्थित एक एनजीओ द्वारा संचालित निशुल्क अस्पताल में हो रहा था। वहां से एक सप्ताह पूर्व ही वह अपने घर करौती आए थे। इस रोग से पीड़ित होने के कारण विक्रमा काफी परेशान रहते थे। उनके बड़े भाई चन्द्रमा ने बताया कि इनका इलाज चल रहा था लेकिन भाई के मन में क्या विचार आया कि उसने ऐसा हृदय विदारक कदम उठा लिया। चर्चा यह भी रही कि परिवार में मोबाइल चोरी की घटना भी हुई थी कहीं वहीं तो नहीं कारण बनी।