पीडीडीयू नगर। मानसिक स्वास्थ्य के लिए लोगों में जागरूकता भले बढ़ रही है, लेकिन तनाव और अवसाद के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हैरान कर देने वाली बात यह है कि इसके शिकार अब ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग होने लगे हैं। जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग के मन कक्ष में एक साल में 17 हजार से ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग मानसिक रोग का इलाज कराने पहुंचे। चिकित्सकों के अनुसार मोबाइल की लत, प्रेम, पढ़ाई का दबाव और पारिवारिक तनाव इसकी वजह है।
पं.कमलापति त्रिपाठी जिला चिकित्सालय चंदाैली के कमरा नंबर 40 मन कक्ष में सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी चलती है। करीब चार वर्ष पहले से शुरू हुई इस विभाग में पहले काफी कम मरीज आते थे। लेकिन अब हर ओपीडी में 300 से ज्यादा मरीज आते हैं। प्रत्येक दिन मानसिक रोग की ओपीडी में 50 से ज्यादा बच्चे और 65 से ज्यादा बुजुर्ग आते हैं। अगर इस आंकड़ें पर गौर करें तो महीने में 600 बच्चे और 800 बुजुर्ग वहीं एक वर्ष में 17 हजार से ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग मानसिक रोग का उपचार कराने जिला अस्पताल पहुंचे। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों में ज्यादातर मोबाइल की लत, प्रेम प्रसंग और पढ़ाई के दबाव के कारण तनाव, नींद न आना, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। वहीं बुजुर्गों में परिवारिक उपेक्षा, अकेलापन और संबंधों में तनाव प्रमुख कारण बने हुए हैं।
मोबाइल फोन के सीमित उपयोग से बच सकते हैं बच्चे
जिला अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डाॅ. नितेश सिंह ने बताया कि मानसिक रोग होने पर लोग देर से चिकित्सक के पास पहुंचते हैं, जिसके कारण उपचार में अधिक समय लगता है। समय पर जागरूकता, परिवार का सहयोग और नियमित काउंसिलिंग से इन समस्याओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है। विशेषज्ञों ने बच्चों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को सीमित करने, बातचीत बढ़ाने और बुजुर्गों को भावनात्मक सहयोग देने की सलाह दी है।
ओपीडी में आए बच्चों की मुख्य समस्याएं
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खड़े-खड़े बेहोश हो जाना
पढ़ने से भय होना, ज्यादा देर तक नहीं पढ़ पाना
मोबाइल गेम और वीडियो की लत
-पढ़ाई और परीक्षा का दबाव
सोशल मीडिया से प्रभावित व्यवहार
मां-बाप की डांट नहीं सह पाना
इच्छा न पूरा होने पर आत्महत्या का विचार आना
माता-पिता और परिजनों को दुश्मन समझना
बुजुर्गों में आने वाली प्रमुख समस्याएं
स्मरण शक्ति कमजोर होना
किसी अनहोनी का हमेशा भय होना
अकेला महसूस करना
निराशा और चिंता
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मानसिक रोग विभाग एक नजर में
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3 दिन एक सप्ताह में चलती है मानसिक रोग की ओपीडी
300 से ज्यादा मरीज हर ओपीडी में आते हैं
50 से ज्यादा बच्चे आते हैं ओपीडी में
65 से ज्यादा बुजुर्ग आते हैं उपचार कराने
600 से ज्यादा बच्चे और 800 के करीब बुजुर्ग पहुंचते हैं एक महीने मेें
17 हजार से ज्यादा एक साल में पहुंचे बच्चे और बुजुर्ग
केस-1
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सदर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग को एक घंटे पहले की हर बात भूल जाती है। इन्होंने सबसे पहले वाराणसी के बीएचयू में जनरल ओपीडी में इलाज कराया। करीब 6 महीने इलाज के बाद डॉक्टर ने कहा कि आपको कोई दिक्कत नहीं है। संभव है मानसिक रोग हो। इसके बाद वे जिला अस्पताल की ओपीडी में आए और उनकी दवा चल रही है। अभी वे पहले से काफी बेहतर हैं।
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केस-2
सैयदराजा थाना क्षेत्र के एक गांव की 19 वर्ष की युवती स्कूल में प्रार्थना के दौरान या फिर घर में कोई कार्यक्रम, आयोजन के दौरान अचानक बेहोश होकर गिर जाती है। परिजन दो वर्षो से चंदौली के निजी अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट को दिखा रहे थे। दवा चलने के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो वे मानसिक रोग ओपीडी पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने काउंसलिंग की तो पता चला कि वह सिम्पैथी के लिए ऐसा कर रही है। परिजनों को बताए गए कुछ उपाय के बाद वह ठीक है।
मानसिक रोग से सबसे ज्यादा पीड़ित हैं महिलाएं
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मानसिक रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.नितेश सिंह ने बताया कि मानसिक रोग की ओपीडी में आने वालों में महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। हर ओपीडी में 150 से अधिक केवल महिलाएं आती हैं। इसमें सबसे ज्यादा महिलाएं संबंधों को लेकर अवसाद में हैं।
24 घंटे नि:शुल्क ले सकते हैं परामर्श
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राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश में सप्ताह के सातो दिन 24 घंटे टेली मानस सेवाएं शुरू की गई है। जिसपर मानसिक रोग से संबंधित किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 14416 या 18008914416 पर कॉल कर सकते हैं। वहीं पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल के मन कक्ष का का हेल्पलाइन नंबर 7565802028 है।
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कोट-मानसिक रोग की ओपीडी के दिन 300 से ज्यादा मरीज आते हैं। महीने में 600 से ज्यादा बच्चे और 800 से ज्यादा बुजुर्ग मानसिक रोग से पीड़ित आते हैं। यह पिछले वर्षों से ज्यादा है। वहीं मानसिक रोग में महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा है।-डॉ.नितेश सिंह, वरिष्ठ मनोचिकित्सक, पं.कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल