पिछले एक सप्ताह से गांव के लिए उसे खोज रहे हैं पर पोखरा मिल ही नहीं रहा है। संजय ने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए लिखा है कि कृपया गुम हुए पोखरे को ढूंढकर अराजी नंबर 139 में स्थापित करने की कृपा करें। पोखरा गुम होने की खबर को लेकर के विकास विभाग में हड़कंप मच गया है।
क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा व्याप्त है लोगों ने कहा कि पहली बार इतिहास में ऐसा हुआ है कि जिस पोखरे की खोदाई कुछ दिन पहले हुई हो वह पोखरा ही आराजी समेत गुम हो गया है। बीडीओ सकलडीहा अरूण कुमार पांडेय ने कहा कि सकलडीहा के धरहरा गांव में पोखरे का कोई मामला अभी संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।