नवनिर्वाचित प्रधान के पति की गोली मारकर हत्या
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पंकज 2021 में जेल से छूटकर घर आ गया। पंचायत चुनाव में पूर्व प्रधान मनोज यादव की पत्नी ममता यादव और पंकज सिंह की पत्नी संगीता सिंह प्रत्याशी थी। संगीता चुनाव जीत गई। जिससे परमेश्वर को लगा कि पत्नी के प्रधान बनने के बाद पंकज उसका कोटे का दुकान छीन लेगा। ऐसे में उसने और हमलोगों ने मिलकर जल्द जल्द पंकज को निबटाने की योजना बनाई।
हत्या के दस दिन पूर्व परमेश्वर यादव उर्फ पिंटू यादव ने शूटरों का प्रबंध करने और उन्हें असलहा आदि की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी ली। धमेंद्र ने बताया कि घटना से कई दिन पूर्व मैने शूटरों से पंकज की रेकी भी कराई थी। एक जून को पंकज अपने ट्यूबवेल के पास बैठा दिखा। मैं फौरन संतोष के घर गया, जहां पहले से शूटर और परमेश्वर यादव मौजूद थे। हम लोग दो मोटरसाइकिल से पंकज के पास पहुंचे। एक बाइक पर मैं, परमेश्वर और एक शूटर था।
पंकज के पास पहुंचने के बाद परमेश्वर ने शूटर से इशारा किया और शूटर ने पंकज को लक्ष्य कर गोली दाग दी। पंकज दक्षिण दिशा में भागा, जहां संतोष की बाइक पर मौजूद दो शूटरों ने उसे गोलियों से छलनी कर दिया। धर्मेंद्र ने बताया कि घटना के बाद हम लोग पूर्व दिशा की ओर भागे। मैं रास्ते में उतरकर आजमगढ़ चला गया बाकि लोग कहां गए नहीं मुझे नहीं पता। उसने बताया कि रविवार को मैं आजमगढ़ से भगवानपुर आकर किसी और ठिकाने पर जाने के फिराक में था कि पुलिस ने मुझे पकड़ लिया।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि प्रधानपति की हत्या मामले में पुलिस ने भगवानपुर गांव के नहर की पुलिया के पास से एक आरोपी धर्मेंद्र यादव को तब पकड़ लिया, जब वह कहीं और जाने के फिराक में था। उसने हत्या की पूरी योजना के बारे में पुलिस को जानकारी दी है। उस पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।