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Chandauli News: प्रयागराज के डंपिंग यार्ड को हरियाली में बदलने के लिए चर्चा में रहे चंद्रमोहन चंदौली के डीएम

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पीडीडीयू नगर। बरेली के बदहाल कार्यालयों को चमकाने और प्रयागराज में महाकुंभ से पहले डंपिंग यार्ड को हरियाली में बदलने के लिए चर्चा में रहे आईएस चंद्रमोहन गर्ग चंदौली के नए जिलाधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। जिले में जिलाधिकारी के रूप में उनका पहला कार्यकाल होगा। वहीं पिछड़े जिले में शुमार चंदौली का विकास किसी चुनौती से कम नहीं होगा। हालांकि चंद्रमोहन ने तैनाती की सूचना के बाद ही चंदौली को बेहतर करने का संकल्प ले लिया है।
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मूलरूप से गाजियाबाद के नेहरू नगर के निवासी चंद्रमोहन के पिता प्रो. ओपी गर्ग एमएमएच काॅलेज से सेवानिवृत्त हैं। चंद्रमोहन ने हाईस्कूल सेंट मेरी और इंटर एसबीडीपीएस दिल्ली से पास किया था। उसके बाद बीटेक किया और एक साल तक प्राइवेट जॉब भी किए। उसके बात पिता की प्रेरणा से उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में 617वीं रैंक मिली। पोस्टल एंड टेलीकॉम डिपार्टमेंट मिला, लेकिन उन्होंने प्रयास नहीं छोड़ा और दूसरे प्रयास में 2016 में 25वीं रैंक हासिल की। चंद्रमोहन की पहली पोस्टिंग श्रावस्ती एसडीएम के रूप में हुई। करीब डेढ़ वर्ष बाद बरेली के सीडीओ बने। बरेली में पान और मसाला के पीक से गंदी दीवारें और बदहाल नजर आने वाले विकास भवन और सरकारी कार्यालयों को कारपोरेट ऑफिस में तब्दील कराकर जिले में एक नए अंदाज में विकास कार्य कराए। खंड विकास अधिकारियों के कार्यालयों का भी स्वरूप बदलवा दिया। ग्राम पंचायत भरतौल को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार दिलाकर बरेली का नाम ऊंचा कराया। करीब ढाई वर्ष बाद उनका तबादला प्रयागराज के नगर आयुक्त के रूप में हुआ। प्रयागराज में महाकुंभ से पहले डंपिंग यार्ड को उन्होंने वृक्षारोपण कराकर हरियाली में बदल दिया। जिस डंपिंग यार्ड से कभी भीषण दुर्गंध आती थी, वहां अब पेड़ पौधों के सुगंध लोगों के मन मोहने लगी है। सीडीओ के रूप में चंद्रमोहन के इस कार्य को बहुत सराहा गया और शायद इसी कार्य के पुरस्कार स्वरूप उन्हें पहली बार चंदौली के जिलाधिकारी का पदभार सौंपा गया है। बातचीत में चंदौली के नए जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने बताया कि जिले में बुनियादी सुविधाएं विकसित कराना प्राथमिकता होगी। कृषि प्रधान जिले में किसानों के विकास और कृषि को लेकर अगर नए प्रयोग की जरूरत होगी तो वह भी किए जाएंगे। सरकार के विकास कार्यों को समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा।
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