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Chandauli News: बल्ली के सहारे पार करते हैं नहर, अब 65 लाख से बनेगा लघु सेतु

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नेगुरा में नहर पार करने के लिए लगाई गई बल्ली। संवाद
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पीडीडीयू नगर। धानापुर ब्लॉक के नेगुरा माइनर पार करने के लिए ग्रामीणों को बल्ली का सहारा लेना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में और नहर में पानी छोड़े जाने पर रास्ता और खतरनाक हो जाता है। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड ने यहां 65 लाख रुपये से लघु सेतु के निर्माण की कार्ययोजना शासन को भेजी है। सेतु बनने से नेगुरा समेत छह से ज्यादा गांवों के लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी।
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नेगुरा माइनर पर पुल नहीं होने से किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए जोखिम उठाना पड़ता है। ग्रामीण बल्ली के सहारे नहर पार करते हैं। खेती के समय कृषि उपकरण और उपज लाने-ले जाने के लिए किसानों को करीब दो किलोमीटर दूर बनी पुलिया का सहारा लेना पड़ता है। बरसात में या नहर में पानी छोड़े जाने पर बल्ली पानी में डूब जाती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीण लंबे समय से नेगुरा माइनर के पास सियाराम की मशीन के नजदीक लघु सेतु बनवाने की मांग कर रहे थे। उनकी मांग पर पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड ने 65 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी है। अब निर्माण के लिए शासन की मंजूरी और बजट जारी होने का इंतजार है।

इनसेट.....

दो किलोमीटर का चक्कर लगाते हैं किसान

नेगुरा माइनर पर लघु सेतु बनने से किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए करीब दो किलोमीटर दूर स्थित पुलिया तक नहीं जाना पड़ेगा। कृषि उपकरणों और उपज को लाने-ले जाने में भी आसानी होगी। इससे खेती-किसानी के काम में लगने वाला समय और अतिरिक्त मेहनत बचेगी। नेगुरा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों को भी आवागमन में सहूलियत मिलेगी।
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इनसेट.....

नहर में पानी छोड़ने पर डूब जाती है बल्ली

नेगुरा माइनर पर फिलहाल स्थायी पुल नहीं होने से ग्रामीण बल्ली के सहारे नहर पार करते हैं। बरसात के मौसम में और नहर में पानी छोड़ने पर बल्ली डूब जाती है। ऐसे में नहर पार करने में दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। लघु सेतु बनने से ग्रामीणों को जोखिम भरे रास्ते से निजात मिलने की उम्मीद है।

कोट.......

नेगुरा माइनर पर लघु सेतु के निर्माण की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी गई है। शासन से मंजूरी और बजट मिलने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। - राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, चंदौली।
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