कंदवा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पारदर्शिता लाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है।
इस योजना के तहत होने वाले विवाहों में अब वर-वधू का बॉयोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। जिले में अब तक 450 जोड़ों ने आवेदन किया है। नवंबर माह में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाना है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत सरकार न केवल विवाह का आयोजन करती है, बल्कि वर - वधू को उपहार और आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अब तक समाज कल्याण विभाग के पोर्टल पर 450 जोड़ों ने विवाह कराने के लिए आवेदन किया है। नई व्यवस्था के तहत, अब विवाह से पहले दूल्हा और दुल्हन का आधार आधारित बॉयोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा।
इस प्रक्रिया में दोनों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना के तहत अनुदान सही और पात्र व्यक्तियों को ही मिले।
यदि कोई व्यक्ति पहले इस योजना का लाभ ले चुका होगा, तो बॉयोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से इसकी जानकारी तुरंत सामने आ जाएगी।
इससे फर्जीवाड़े की आशंका को समाप्त करने में मदद मिलेगी। पहले की प्रक्रिया में समाज कल्याण विभाग के सहायक विकास अधिकारी लाभार्थियों के सत्यापन के लिए उनके घरों का निरीक्षण करते थे।
सत्यापन के बाद ही विवाह की तारीख तय की जाती थी और फिर विवाह समारोह का आयोजन होता था, लेकिन अब बॉयोमेट्रिक सत्यापन की अनिवार्यता से यह प्रक्रिया और भी पारदर्शी और विश्वसनीय हो जाएगी।