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छत्तीसगढ़ हमला: शहीद धर्मदेव का मणिकर्णिका घाट पर हुआ अंतिम संस्कार, श्रद्धांजलि देने को उमड़ा जन सैलाब

Tue, 06 Apr 2021 06:58 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
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मणिकर्णिका घाट पहुंचा शहीद का पार्थिव शरीर। - फोटो : अमर उजाला
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली हमले में चंदौली के लाल शहीद कोबरा बटालियन के कमांडो धर्मदेव के परिजन आखिरकार अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। शाम को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव के हजारों लोगों ने शहीद को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। प्रशासनिक अधिकारियों के काफी मनाने के बाद परिजन माने। डीएम और एसपी ने बेसुध पड़े पिता और भाई को समझाया। इस दौरान शहीद के गांव बड़ागांव थाना क्षेत्र के ठेकहां में धर्मदेव को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। देखें अगली स्लाइड्स...।
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गांव में दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर। - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, शहीद धर्मदेव कुमार का पार्थिव शरीर आज सुबह 10:20 बजे बड़ागांव थाना क्षेत्र के गांव ठेकहां पहुंचा था। शहीद के पार्थिव शरीर को उनके घर के आगे मैदान में रखा गया। लेकिन कई घंटों तक शहीद धर्मदेव के माता-पिता और पत्नी सहित परिवार में से कोई भी सदस्य शहीद को देखने नहीं आया।
 
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डीएम और एसपी बेसुध पड़े पिता और भाई को समझाते हुए - फोटो : अमर उजाला
परिजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को बुलाने की मांग पर अड़े हुए थे। वहीं मौके पर स्थानीय विधायक और सांसद के नहीं पहुंचने पर ग्रामीण और ज्यादा आक्रोशित हो गए थे। शहीद का पार्थिव शरीर कई घंटे तक गांव के चौराहे पर रखा रहा था।

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मौके पर जिला अधिकारी संजीव सिंह, एसपी अमित कुमार सहित आला अधिकारी पहुंचे। कई घंटों तक अधिकारियों ने मनाया। आखिरकार मुख्यमंत्री से मिलाने का आश्वासन मिलने पर दोपहर बाद परिजन मान गए।
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शहीद जवान। - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के बीजापुर के तरेम थाना के जोन्नगुड़ा जंगल में शनिवार दोपहर में हुए नक्सली हमले में चंदौली का लाल धर्मदेव कुमार(32) पुत्र रामाश्रय गुप्ता भी शहीद हो गए थे। परिजनों ने बताया कि शहाबगंज थाना के ठेकहां बड़ागांव निवासी किसान रामाश्रय गुप्ता के तीन पुत्रों में सबसे बड़े धर्मदेव ने बचपन से ही फोर्स में जाने का सपना देखा था। परिजनों ने बताया कि होली के दस दिन पहले ही जल्द लौटने का वादा कर धर्मदेव गांव से गया था। क्या पता था उसके आने से पहले उनकी शहादत की खबर मिलेगी। धर्मदेव की शादी रामनगर के मन्नापुर में मीना देवी से हुई थी
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दो बेटियां ज्योति (8) और साक्षी (2) हैं। पत्नी मीना गर्भवती हैं। हमले की खबर मिलते ही परिवार वालों में सन्नाटा पसर गया। रविवार की शाम शहादत की खबर मिलते ही छोटा भाई भी घर के लिए चल चुका था। छोटा बेटा भी छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ में तैनात है।
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