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बिहार के परमिट पर यूपी में आ रहा है बालू

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सैयदराजा। बिहार से यूपी में बालू लदे ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने के लिए केंद्रीय मंत्री चंदौली सांसद डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय की पहल भी काम नहीं आई। लॉकडाउन के दौरान ओवरलोड वाहनों के आने का सिलसिला जारी है। यही नहीं अब तो बिहार के परमिट से यूपी में बालू आ रहा है। इससे प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है।
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लॉकडाउन के दूसरे चरण में बालू खनन आदि की इजाजत दे दी गई। इसके बाद से फिर से ओवरलोड वाहनों के आवागमन का सिलसिला जारी हो गया। दस मई को आंधी पानी के दौरान बिहार के खजूूरा में चेकपोस्ट क्षतिग्रस्त होने के बाद छह दिनों तक स्टेशन पर जाम की स्थिति रही। बाद में कमिश्नर वाराणसी और बिहार के कमिश्नर के बीच वार्ता हुई। इसके बाद पुलिस सख्त हुई और जाम हटा। अधिकारियों की हिदायत के बाद यहां वाहनों की चेकिंग भी बंद हो गई और फिर से ओवरलोड वाहनों का संचालन शुरू हो गया। इस बीच केंद्रीय मंत्री डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय ने मुख्य सचिव से वार्ता कर ओवरलोड वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने को कहा था। बावजूद इसके ओवरलोड वाहनों का खेल खत्म नहीं हुआ। बिहार से ओवरलोड बालू लादकर बिना यूपी का रवन्ना लिए धड़ले से ट्रक उप्र में प्रवेश कर रही हैं। इससे उप्र सरकार को रोजाना लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है।ओवरलोड बालू व बिना उप्र के खनिज अभिवहन पास लिए ही यूपी में प्रवेश करा ट्रक मालिक व दलाल मोटी कमाई कर रहे है। यूपी में बालू बिक्री करने के लिए बिहार के सोन नदी से बालू लादकर खनिज अभिवहन पास गंतव्य तक जाने का लेना होता हैं लेकिन सोन नदी के ठेकेदार बालू बेचकर पूरा पैसा वसूल रहे है लेकिन खनिज अभिवहन पास बिहार का ही देते हैं। इस संबंध उप संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन द्वितीय) विनय कुमार ने बताया कि लगातार वाहनों की जांच की जाती है। ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई होती है। बुधवार को छह वाहनों को सीज किया गया जबकि पांच वाहनों का चालान किया गया है।
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