सबसे बड़ी बात की स्थानीय वनाधिकारियों की भी इसमें मिली भगत है। शिक्षक एक साल से वन चौकी में रह रहे हैं पर इसकी सूचना वन विभाग के बड़े अधिकारियों को आज तक नहीं दी गई है। इन दिनों वन विभाग वन भूमि पर झोपड़ी लगाने वालों पर तो मुकदमा दर्ज करा रहा है पर इस शिक्षक ने तो वन चौकी पर ही कब्जा कर लिया है। बताया कि सहायक अध्यापक ने पहले वहां रह रहे वाचरो से मेलजोल किया, फिर एक रात ताला तोड़कर चारपाई रख दी। विरोध नहीं हुआ तो उसने अपना आशियाना बना लिया। इस संदर्भ में स्थानीय रेंजर ने ऐसे किसी मामले के प्रति अनभिज्ञता जताई।
डीएफओ दिनेश सिंह ने बताया कि वन चौकी विभागीय कर्मचारियों के लिए बनाई गई है। अगर उसमें यह पाया गया कि शिक्षक काफी समय से यहां रह रहे हैं तो कमरा खाली कराने के साथ ही उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही इसकी जांच कराई जाएगी।