कंदवा। तेज धूप, कभी बूंदाबांदी और उमस भरी गर्मी से त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ गई है। सरकारी अस्पताल से लेकर निजी चिकित्सकों तक ऐसे मरीजों की कतारें लग रही हैं। चिकित्सकों को कहना है कि बारिश में भीगने के बाद घर आकर स्नान करना चाहिए।
मौसम में लगातार हो रहे परिवर्तन के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहनी, अमड़ा, पई, चिरईगांव और ओयरचक में रोज लगभग सौ से अधिक त्वचा रोग से संबंधित मरीज पहुंच रहे हैं। कोई चेहरे पर तो कोई पूरे शरीर पर छोटे- बड़े दानों से घिरा हुआ परेशान हाल में नजर आता है। एग्जिमा, एलर्जी तथा फंगल इंफेक्शन की शिकायतें अधिक हैं। बड़ों के साथ बच्चे भी त्वचा रोग की चपेट में हैं। पीएचसी पई के प्रभारी डॉ राजेश सिंह ने बताया कि गर्मी उमस और बारिश की नमी से त्वचा रोगों की आशंका अधिक रहती है। अगर ज्यादा पसीना हो या बारिश में भीगना पड़ जाए तो जरूरी है कि घर पहुंचकर नहा लें। नहाते समय पानी में डिटाल का प्रयोग करना चाहिए। वहीं गीले और नम कपड़ों को हरगिज न पहनें, इससे संक्रमण की आशंका बहुत ज्यादा होती है।