नियामताबाद। अलीनगर थाना क्षेत्र में 1996 में हुए फर्जी मुठभेड़ के आरोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी का दौर जारी है। इसमें बृहस्पतिवार को गोरखपुर से एसआई हरिनाथ पांडेय को एसटीएफ तथा जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर अलीनगर पुलिस के सपुर्द कर दिया था। शुक्रवार की सुबह एसटीएफ लखनऊ की टीम ने मुगलसराय के एलबीएस कटरे से फर्जी मुठभेड़ के आरोपी सिपाही रामप्रताप को कोर्ट में समर्पण करने के लिए जाते समय पकड़ लिया गया और अलीनगर थाने को सुपुर्द कर दिया गया।
गौरतलब है कि वर्ष 1996 में अलीनगर क्षेत्र में हुए फर्जी मुठभेड़ पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त रुख अख्तियार करने से महकमा आरोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी में जुटा हुआ है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को गोरखपुर से एसआई हरिनाथ पांडेय को एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा गिरफ्तार कर अलीनगर थाने को सुपुर्द किया था। उसे शुक्रवार को जिला जज के समक्ष पेश किया गया। मुठभेड़ का एक अन्य आरोपी कांस्टेबल रामप्रताप अपने वकील के साथ शुक्रवार की सुबह समर्पण करने के लिए जाते समय एसटीएफ लखनऊ की टीम ने मुगलसराय के एलबीएस कटरे से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे अलीनगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। कांस्टेबल के वकील विकास तिवारी का कहना है कि हमारे मुवक्किल को न्यायालय में समर्पण करने के लिए जाते समय एसटीएफ की टीम ने जबरन गिरफ्तार कर लिया। अलीनगर पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी को सीजीएम न्यायालय चंदौली भेज दिया गया। इस संबंध में अलीनगर उपनिरीक्षक जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि एसटीएफ लखनऊ की टीम के द्वारा फर्जी मुठभेड़ में शामिल सिपाही रामप्रताप को गिरफ्तार कर सुपुर्द किया गया है। जिसे एसआई हरिनाथ पांडेय के साथ सीजीएम न्यायालय चंदौली भेज दिया गया है।