चंदौली। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की बैठक मंगलवार को सदर ब्लाक परिसर में हुई। शिक्षामित्रों ने चालीस दिन बीत जाने के बाद भी समायोजन को लेकर सरकार की ओर से कोई पहल नहीं किए जाने पर चिंता व्यक्त की। कहा कि अपने भविष्य को लेकर चिंतित शिक्षामित्र उचित समाधान नहीं निकलने पर उग्र आंदोलन की राह पकड़ सकते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि समायोजन को लेकर सरकार के ढुलमुल रवैये से शिक्षामित्रों में काफी निराशा और आक्रोश है। समायोजन रद्द होने के 40 दिनों के बाद भी सरकार ने कोई ठोस और सार्थक पहल नहीं की है। सरकार जानती है कि शिक्षामित्रों ने परिषदीय विद्यालयों को 17 वर्षों तक संवारने का काम किया है। स्कूलों में शिक्षा की अलख जगाई है। इसके बाद भी सरकार की खामोशी आहत कर रही है। कुछ सरकारी अधिकारी अपने बयान से शिक्षामित्रों को भ्रमित कर रहे हैं। कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि शिक्षामित्रों की समस्याओं का हल संगठन और सरकार में सामंजस्य बनाकर निकाला जाएगा। लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं हो रही है। सीएम के आदेशों का अधिकारी अनुपालन नहीं कर रहे हैं। कहा कि यदि सरकार ऐसे ही उदासीन बनी रही तो शिक्षामित्रों का धैर्य टूट जाएगा और इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे। इस अवसर पर मनोज तिवारी, बृजेश कुमार, जेपी सिंह, जयप्रकाश पांडेय, अजीत, इंद्रजीत, दामोदर आदि रहे।