न्यायालय में 9048 मुकदमे निपटाए
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे विकास कुमार वर्मा ने 1702 वादों का निपटारा कर 409590 रुपये जुर्माना वसूल किया। सिविल जज जूनियर डिविजन इंदू रानी ने 1026 वादों का निपटारा कर 20980 रुपये जुर्माना वसूल किया।
सिविल जज जूनियर डिविजन चकिया कुंवर जितेन्द्र प्रताप सिंह ने 1055 वादों का निपटारा किया। इसमें 3 एनआई एक्ट वाद का निपटारा कर 1106330 रुपये की समझौता राशि दिलाई। वहीं 1052 वादों का निपटारा कर 193030 रुपये जुर्माना वसूल किया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट माधुरी यादव ने 1334 वादों का निपटारा कर 4000 रुपये जुर्माना वसूल किया। अपर सिविल जज जूनियर डिविजन चकिया रोहित पुरी ने 943 वादों का निपटारा कर 52550 रुपये जुर्माना वसूल किया। सिविल जज जूनियर डिविजन व एफटीसी प्रथम नूतन ने 990 वादों का निपटारा कर 6800 रुपये जुर्माना वसूला।
सिविल जज जूनियर डिविजन/एफटीसी द्वितीय शिवानी ने 113 वादों का निपटारा कर 200 रुपये जुर्माना वसूल किया। अपर सिविल जज जूनियर डिविजन द्वितीय ईशा राय ने 102 वादों का निपटारा किया।
अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव विकास वर्मा ने बताया कि इसी तरह सभी न्यायालयों में कुल 11597 वादों का निपटारा किया गया। इसमें 2549 लघु आपराधिक वाद भी शामिल रहे। न्यायालयों की ओर से कुल 9048 मुकदमों का निपटारा किया गया। वहीं 12 लाख 20 हजार 470 रुपये जुर्माना वसूल किया गया।
उत्तराधिकार प्रमाण की 95 लाख 63 हजार 517 रुपये धनराशि दिलाई गई। सभी बैंकों की ओर से कुल 598 ऋण खातों का निपटारा कर 5 करोड़ 32 लाख 39 हजार समझौता राशि और 2 करोड़ 62 हजार 73 हजार 300 रुपये नकद वसूल किया गया। जिले के सभी राजस्व न्यायालयों में 65329 मामलों का निपटारा किया गया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन अनिल कुमार यादव आदि मौजूद रहे।