चंदौली। स्वास्थ्य विभाग ने क्षय रोग के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। 23 फरवरी से दस मार्च तक टीबी रोग खोज अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले में 10 फीसदी लोगों की जांच की जानी है, लेकिन यह अभियान पूरी तरह कारगर नहीं दिख रही है। यही कारण है कि दस दिनों में विभाग ने मात्र चालीस मरीजों की खोज की है। पिछले वर्ष अभियान के तहत 68 मरीजों की खोज की गई थी। विभागीय सूत्रों की माने तो खान-पान की अनियमितता के कारण जिले में टीबी के मरीजों में निरंतर इजाफा हो रहा है।
जिले में क्षय रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। विभागीय रिकार्ड के अनुसार वर्तमान में जिले में 2400 मरीजों को इलाज डाट्स से हो रहा है। प्राइवेट अस्पतालों से दवा लेकर खाने वालों की संख्या में भी काफी बढ़ोत्तरी हुई है। जिले में गठित 108 टीम दस दिनों में मात्र चालीस रोगियों की खोज कर सकी है। जिले में चलाए जा रहे अभियान के लिए अपर सीएमओ और क्षय रोग के नोडल प्रभारी डॉ. डीएन मिश्र के अनुसार टीबी खोज कार्यक्रम के माध्यम से जिले में कुल 108 तीन सदस्यीय टीम टीबी खोज कार्यक्रम में लगी है। इनके मानिटरिंग के लिए 20 सुपरवाइजर लगे हुए है। यह टीमें घर घर जाकर प्रति दिन 50 लोगों के यहां पहुंच रही है। इसके साथ ही टीमें टीबी के कुछ लक्षण जैसे तीन सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम के साथ खून आना, वजन में निरंतर गिरावट, बुखार आना इन सभी में कोई भी लक्षण यदि पाया गया तो तत्काल टीम दो जांच कराएगी। जिसमें एक तत्काल व दूसरा अगली सुबह बलगम लेकर इसकी जांच कराई जा रही है। इसके बलगम आदि की जांच के लिए जिले में कुल 18 नि:शुल्क सेंटर बनाए गये है।