चंदौली। धान खरीद में जिले ने रिकार्ड बनाया है। लक्ष्य की अपेक्षा जनपद में 98 प्रतिशत धान की खरीद हुई है। पिछले वर्ष इसी सीजन में मात्र 35 प्रतिशत ही धान की खरीद हो सकी थी। विभाग ने 98 प्रतिशत धान खरीद की रिपोर्ट शासन को भेजी है। धान की रिकार्ड पैदावार देख शासन ने इस वर्ष जनपद में एक लाख 68 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित कर दिया। धान खरीद की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित की गई।
जिले में एडीएम राजस्व को नोडल अधिकारी बनाया गया। अधिकारियों ने किसानों के धान की खरीद के लिए पहले चक्र में 83 केंद्र निर्धारित किए लेकिन किसानों की मांग को देेखते हुए उसे बढ़ाकर 104 कर दिया। एनसीएमएल, पीसीएफ, खाद्य विभाग सहित आधा दर्जन एजेंसियों को धान खरीद की जिम्मेदारी मिली। इन एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर निरंतर धान की खरीद का ब्यौरा भी लिया गया। इस दौरान कई केंद्र पूरे सीजन में बंद मिले और इसकी रिपोर्ट भी जांच टीम जिलाधिकारी को सौंप दी। बावजूद इसके खरीद सीजन में विभाग ने 1 लाख 66 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद कर ली। विभागीय सूत्रों की माने तो इस बार राइस मिलर किसानों के धान को सीधे खेत से ले आ रहे थे। जिसका भुगतान सीधे खाते से किया जा रहा था। विभाग से मिली भगत कर किसानों से निर्धारित रेट का भुगतान कराकर शेष पैसे को अपने हिसाब से निकाल लेते थे। वहीं राइस मिलरों के किसानों के खाता व खतौनी हाने के कारण अपने रिकार्ड को भी दुरुस्त कर ले रहे थे। जिससे जांच में कोई कमी न मिलने पाए। विभाग अपने इसस कारनामें लक्ष्य को भी पार गया था। लेकिन शत प्रतिशत खरीद पर कहीं जांच न बैठ जाय इससे ये लोग दो प्रतिशत धान की खरीद को कम करके दिखाए। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी केके सिंह का कहना है कि धान की खरीद किसानों से की गई है। इसमें किसी भी राइसमिलर से धान का लक्ष्य लेकर पूरा नहीं कराया गया है।