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ठेकेदार के कब्जे से भाग कर रेलवे स्टेशन पहुंचे 11 किशोर

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पीडीडीयू नगर झारखंड से ठेकेदार के माध्यम से काम करने आजमगढ़ गए 11 किशोर पैसा न मिलने पर भाग निकले। वे भूखे प्यासे स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां रविवार की देर रात जीआरपी की मदद से चाइल्ड लाइन के बच्चों को पकड़ा। भूखे प्यासे किशोरों को खाना खिलाया। पूछताछ के बाद परिवार वालों को सूचित किया।
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पूछताछ में किशोरों ने बताया कि वे झारखंड के बाकुर जिले के रहवासी हैं और अत्यंत गरीब हैं। गांव के ही एक व्यक्ति ने उनके परिजनों को कहा कि आजमगढ़ में ईंट भट्ठे पर काम करने के लिए आदमी की जरूरत है। अच्छा पैसा मिलेगा। इस पर परिवार वाले मान गए और उसके साथ हमें भेज दिया गया। वह व्यक्ति हमें आजमगढ़ में एक ईट भट्ठे पर काम पर रखवा दिया। यहां हम लोगों को न तो पैसा मिल रहा था और न ही खाने को दिया जा रहा था। पूछने पर भट्ठा मालिक ने बताया कि उन्हें बंधुआ मजदूरी के रूप में रखा गया है। इस पर वे रविवार की रात किसी तरह बचते हुए भट्ठे से भाग निकले और स्टेशन पर पहुंचे। यहां जीआरपी ने हमें पकड़ लिया। रेलवे चाइल्ड लाइन के कोआर्डिनेटर सुंदर सिंह ने बताया कि ठेकेदार ने किशोरों का फर्जी आधार कार्ड भी बनवा चुका है। इसमें इनकी उम्र 21 से 22 वर्ष दिखाई गई है, जबकि इन सभी की उम्र 14 से 16 वर्ष है। बताया कि जीआरपी के विजय बहादुर, पीयूष मिश्र और छब्बू यादव के सहयोग से चाइल्ड लाइन के बच्चों को रेस्क्यू किया है। परिजनों को सूचित किया गया है।
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