चंदौली न्यायालय भवन के निर्माण व जिला मुख्यालय की मांग को लेकर जारी आंदोलन को अधिवक्ताओं ने आगे बढ़ा दिया है। सोमवार को सदर तहसील में जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को दी गयी चेतावनी के अनुसार अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में चिता सजाई और प्रशासनिक उदासीनता व लापरवाही का विरोध किया। इस दौरान सीओ सदर अनिल राय व पुलिस ने अधिवक्ताओं के रोकने का प्रयास किया। बावजूद इसके अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में चिता सजाई। चेतावनी दी कि पांच दिनों में सकारात्मक परिणाम नहीं आए तो अधिवक्ता आत्मदाह करेंगे। अंत में जिला प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए वकीलों ने बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस अधिवक्ताओं के आंदोलन को कुचलने के लिए अब तानाशाही पर उतर आयी है। आंदोलन को विफल करने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस ने चंदौली के लकड़ी विक्रेताओं को इस बाबत तुगलकी फरमान जारी कर दिया कि यदि वकीलों को लकड़ी दोगे तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। बावजूद इसके अधिवक्ताओं ने लकड़ी का प्रबंध किया और उसे लेकर न्यायालय पहुंच गए। वकीलों ने आरोप लगाया कि लकड़ीलेकर पहुंचे पर मौके पर मौजूद सीओ सदर अनिल राय अधिवक्ताओं का दमन करने का प्रयास किया। लाठी के बलपर लकड़ी उतारने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान काफी देर तक अधिवक्ताओं व पुलिस वालों में धक्का-मुक्की हुई। अधिवक्ताओं की एकता व संघर्ष के आगे पुलिस पीछे हट गई।