चंदौली। जनपद में प्रसूता, जच्चा-बच्चा को अस्पताल ले जाने वाली 102 एंबुलेंस के फेरे में फर्जीवाड़ा किया जाता है। सीएमओ की ओर कराई जा रही जांच में यह तथ्य उजागर हुआ। इसके बाद चालकों व ईएमटी में खलबली मची है।
जनपद में 102 की 23 एंबुलेंसों का संचालन होता है। एंबुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी और शासन के बीच अनुबंध के मुताबिक प्रत्येक एंबुलेंस से रोजाना कम से कम आठ गर्भवती व दो वर्ष तक के बच्चों को सरकारी अस्पतालों में ले जाना और घर वापस छोड़ना है। गाड़ी रोजाना 140 किमी दौड़ानी है। लक्ष्य पूरा नहीं होने पर शासन सेवा प्रदाता कंपनी को हर माह किए जाने वाले भुगतान में कटौती कर देता है। लक्ष्य पूरा न होने पर एंबुलेंस संचालक फर्जीवाड़ा करते हैं। जांच में काफी लापरवाही मिली है। ऐसे भी तथ्य सामने आए हैं जिसमें एक ही प्रसूता को एक ही दिन में दो बार लाना दिखाया गया है। वहीं सीएमओ डा. वाईके राय की माने सभी बिंदुओं पर जांच के बाद रिपोर्ट जल्द शासन को भेजी जाएगी।