उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव राहुल गांधी के खिलाफ सिविल कोर्ट के अधिवक्ता रवि प्रताप सिंह की ओर से दाखिल प्रकीर्ण वाद पर सीजेएम फूलचंद्र पटेल ने मंगलवार को सुनवाई के बाद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से आख्या तलब की है कि क्या इस मामले में कोई अभियोग पंजीकृत है या नहीं।
कोर्ट ने आख्या देने के लिए कोतवाल को 4 सितंबर तक का समय भी दिया है। जिसमें वकील ने इंडियन नेशनल कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक पार्टी होने पर सवाल उठाया है।
वकील ने मुख्य चुनाव आयुक्त से 13 अगस्त 2012 को जन सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी कि क्या इंडियन नेशनल कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एक ही है। दोनों का निर्वाचन आयोग में पंजीकरण है या नहीं।
निर्वाचन आयोग ने अपने जवाब में लिखा है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नाम से किसी राजनीतिक पार्टी का पंजीकरण नहीं है। आयोग ने साफ किया है कि इंडियन नेशनल कांग्रेस के नाम से पार्टी का पंजीकरण 1989 में हुआ है।
इस पत्र के बाद वकील ने सीजेएम कोर्ट में आवेदन कर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी के विरुद्ध धोखाधड़ी और कूट रचना का मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया।
24 अगस्त को प्रभारी सीजेएम अतुल कुमार चौधरी ने प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश देते हुए सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तिथि तय की थी।