बुलंदशहर। सर्दी से जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मंगलवार की रात पाला और बुधवार की सुबह घने कोहरे से लोग बेहाल रहे। सुबह करीब 10 बजे तक कोहरा छाया रहा। इसके बाद भी धूप नहीं निकली। शीतलहर से लोग ठिठुरते रहे।
पिछले कुछ दिनों से जमकर ठंड पड़ रही है। कई दिन से पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते शीतलहर जारी है। अब पाला और कोहरे ने गलन और बढ़ा दी है। मंगलवार की रात पाला के साथ कोहरा छाने लगा। बुधवार सुबह कोहरे की चादर फैल गई। कोहरा इतना घना था कि वाहन चालकों को लाइटें जलाकर चलना पड़ा। सुबह करीब 10 बजे कोहरे की धुंध तो छंटी, लेकिन धूप नहीं निकली। शाम होने से पहले ही फिर से कोहरा बढ़ने लगा। ऐसे में लोग जल्दी घर पहुंचे और रजाई का सहारा लिया। ऐसे मौसम के बीच जिले का अधिकतम तापमान एक डिग्री कम होकर 15 और न्यूनतम 5 डिग्री दर्ज किया गया। आर्द्रता 78 फीसदी और हवा की गति 5 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रही। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि कोहरे और ठंड से जल्द नहीं मिलने वाली है। तापमान में और गिरावट की संभावना बन रही है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
आलू व सरसों की फसल को बचाना जरूरी
जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे आलू की फसल पर पाले का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इससे आलू उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। किसान फसल को बचाने के लिए दिन-रात खेतों में सिंचाई कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. विवेकराज ने बताया कि गलन भरी सर्दी गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है, लेकिन आलू व सरसों की फसल में नुकसान की आशंका बढ़ने लगी है। आलू को झुलसा रोग लग सकता है। पाले से बचाव के लिए आलू की फसल में सिंचाई की जरूरत है। शाम को खेतों पर धुआं कर पाले से फसल को बचा रहे हैं। वहीं कोहरे से सरसों की फसल भी प्रभावित हो सकती है।