तीन माह में हैजे के टीके की पहली खेप बाजार में उतारेगी बिबकोल
बुलंदशहर। देश को पोलियो महामारी से निजात दिलाने के बाद अब हैजा जैसी गंभीर बीमारी से निजात दिलाने के लिए बिबकोल अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। हैजा का टीका बनाने के लिए फॉर्मूले का सफल परीक्षण करने के बाद करीब तीन माह में वैक्सीन की पहली खेप बाजार में आ जाएगी।
चोला के औद्योगिक क्षेत्र स्थित भारत इम्युनोलॉजिकल एंड बायोलॉजिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बिबकोल) की स्थापना वर्ष 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने की थी। उस समय देश से पोलियो नामक महामारी के खात्मे के लिए वैक्सीन उत्पादन का कार्य सौंपा गया था। स्थापना के बाद से अब तक कंपनी ने ओपीवी (ओरल पोलियो वैक्सीन) की 12.5 करोड़ से अधिक खुराक तैयार कर चुकी है। अब सरकार ने कंपनी को एक और जिम्मेदारी सौंपते हुए हैजा नामक महामारी के खात्मे के लिए कोलरा नामक वैक्सीन बनाने का जिम्मा सौंपा था। बिबकोल के एमडी डॉ. संजय मिश्रा के निर्देशन में 20 सदस्यीय टीम ने वैक्सीन का सफल परीक्षण कर लिया है । लैब का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। माना जा रहा है कि अगले तीन माह में वैक्सीन का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
डब्ल्यूएचओ व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से अनुमति मिलने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द से जल्द वैक्सीन का उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। - सुनील शर्मा, एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट, बिबकोल