संवाद न्यूज एजेंसी
खानपुर/ऊंचागांव। जिले में बुखार का प्रकोप नहीं थम रहा है। हर रोज लोग दम तोड़ रहे हैं। बृहस्पतिवार को 24 घंटे के अंदर बुखार से पीड़ित तीन और लोगों की मौत हो गई। कई गांवों को बुखार ने चपेट में ले रखा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की भरमार है। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी बृहस्पतिवार को 367 बुखार के मरीज पहुंचे।
खानपुर क्षेत्र के गांव नगला मायापुर निवासी 30 वर्षीय प्रिया को पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। पति संजू ने बताया कि शुरुआत में गांव के ही एक झोलाछाप से इलाज करवाया। तीन दिन पहले हालत बिगड़ने पर खानपुर पीएचसी लेकर गए। वहां चिकित्सक न मिलने पर स्याना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बुधवार सुबह चिकित्सक ने मेरठ रेफर कर दिया। मेरठ के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान बृहस्पतिवार सुबह प्रिया ने दम तोड़ दिया। प्रिया के परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गांव में 50 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित चल रहे हैं।
ऊंचागांव क्षेत्र के गांव पाली आनंदगढ़ी निवासी 22 वर्षीय शिवम रघुवंशी को पांच दिन से बुखार था। शिवम के पिता सुगड़पाल सिंह ने बताया कि उसका उपचार जहांगीराबाद के एक अस्पताल में चल रहा था। हालत बिगड़ने पर बुलंदशहर नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सक ने जांच में डेंगू बताया था। बुधवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। गांव प्याना खुर्द निवासी 57 वर्षीय छत्रपाल को भी जहांगीराबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्लेटलेट्स कम होने पर परिजन मेरठ के मेडिकल कॉलेज ले गए। पुत्र चमन राना ने बताया कि बुधवार को उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
पीतमपुर गांव में 100 से अधिक बीमार
ऊंचागांव क्षेत्र के गांव पीतमपुर में जलभराव व गंदगी होने के चलते संक्रमण फैल रहा है। ग्रामीण धर्मवीर व बीरपाल ने बताया कि गांव में हर घर में बुखार के मरीज हैं। पुष्पा देवी ने बताया कि गांव में बीमारी फैलने के बाद भी ग्राम प्रधान बचाव के लिए कोई उपाय नहीं कर रहा। ग्राम प्रधान रश्मि शर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत में तीन गांव हैं। सफाई कर्मचारी की दो-दो दिन की ड्यूटी लगाई जाती है। इस कारण सफाई में दिक्कत आ रही है। गांव में नियमित सफाई और छिड़काव की व्यवस्था की जाएगी। सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि पीतमपुर गांव समेत बुखार से जूझ रहे अन्य गांवों में भी टीम को भेजा जाएगा।