बुलंदशहर। शासन के निर्देश पर सभी जनपदों में ऑपरेशन कन्विक्शन चलाया जा रहा है। सजा दिलाने में जनपद मंडल में पहले और प्रदेश में पांचवें स्थान पर रहा है। यदि मृत्युदंड, आजीवन कारावास और 20 वर्ष से अधिक सजा कराने के मामलों में देखा जाए तो बुलंदशहर पुलिस 72 मामलों में सजाएं कराकर दूसरे स्थान पर रही है। जबकि, शाहजहांपुर 87 मामलों के साथ पहले स्थान पर है।
शासन से जारी लिस्ट के आधार पर चार्जशीट लगने के एक वर्ष के भीतर आजीवन कारावास या 20 वर्ष से अधिक सजा दिलाने वाले पैरामीटर में बुलंदशहर ने सिर्फ एक मुकदमे में प्रभावी पैरवी की है। इस पैरामीटर में दस मामलों के साथ भदोही पहले स्थान पर रहा है। जबकि, चार्जशीट लगने के बाद एक वर्ष के भीतर अन्य सजाएं कराने के 32 मामलों में जनपद पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी की गई है। जिनमें आरोपियों को सजा दिलाई जा सकी है। इस पैरामीटर में गौतमबुद्धनगर पुलिस 346 मामलों के साथ पहले नंबर पर है। जनपद पुलिस ने सनसनीखेज प्रकरणों के 110 मामले चिन्हित किए हुए थे, जिनमें से सिर्फ 47 मामलों में सजा कराई जा सकी है। इसमें कानपुर नगर ने 140 मुकदमों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। जबकि, पॉक्सो-दुष्कर्म के 21 मामलों में जनपद पुलिस ने प्रभावी पैरवी की है, जिनमें आरोपियों को सजा कराई गई है। इस मामले में बाराबंकी ने 42 मुकदमों का निस्तारण कराकर पहला स्थान हासिल किया है।
आपरेशन क्लीन मामले में दूसरे नंबर पर है जनपद
शासन के निर्देश पर एक अक्तूबर 2023 से आपरेशन क्लीन अभियान सभी थानों पर चलाया गया। जिसमें थानों पर लंबित, माल मुकदमाती वाहनों का निस्तारण किया गया। शासन ने इस मामले में भी गत अक्तूबर से 30 नवंबर तक की लिस्ट जारी की है। जिसमें बुलंदशहर के 27 थानों पर यह अभियान चलाया गया। जिसमें कुल 5197 वाहनों में से 1350 का निस्तारण किया गया। अब कुल 3847 वाहन शेष रह गए हैं। जबकि, इस मामले में 1366 वाहनों का निस्तारण कर मेरठ मंडल समेत प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है और बुलंदशहर को दूसरा स्थान हासिल हुआ है।
211 आर्म्सएक्ट मामलों में भी दिलाई गई 11 माह में सजा
जनपद पुलिस ने शस्त्र अधिनियम के अंतर्गत मुकदमों में भी सशक्त पैरवी कर अभियुक्तों को सजा दिलाई है। जनपद पुलिस ने एक वर्ष तक की सजा 21 अभियुक्तों को दिलाई है। दो वर्ष तक की सजा में भी 21 अभियुक्त हैं। जबकि 21 हिस्ट्रीशीटर, तीन टॉप टेन अपराधी, तीन माफिया, पांच लुटेरों, 24 हत्यारोपी अभियुक्तों का सजा दिलाई जा सकी है। जनपद के अलग-अलग थानों में कुछ ऐसे मामले आए हैं, जिनमें युवा और अराजक तत्व सोशल मीडिया पर तमंचों से फायरिंग करते, अवैध असलहों के साथ फोटो वायरल करने जैसे चार मामले सामने आए हैं। ऐसे चारों अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें भी जेल भेजा गया है। एसपी क्राइम राकेश मिश्रा ने बताया कि 22 ऐसे अभियुक्तों के मामले विचाराधीन थे जो शस्त्र अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई थी। वर्ष 1990 से 1999 तक की फाइल खंगालकर पुलिस ने उन्हें सजा दिलाई है। इसके साथ ही 11 ऐसे अभियुक्तों को सशक्त पैरवी कर तीन से सात वर्षों तक की सजा दिलाई गई है।
शासन के निर्देश पर ऑपरेशन कन्विक्शन, आपरेशन क्लीन चलाए जा रहे हैं। जिनमें अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमों में थाना स्तर पर प्रभावी पैरवी कर सजा दिलाई जा रही है। ऑपरेशन कन्विक्शन मामले में जनपद पुलिस का प्रदेश में पांचवां और मंडल में पहला स्थान रहा है। जबकि, आपरेशन क्लीन मामले में जनपद पुलिस को दूसरा स्थान हासिल हुआ है। - श्लोक कुमार, एसएसपी