बुलंदशहर। जिले के स्वास्थ्य विभाग में पिछले माह निकाली गई निविदा में मनचाही फर्म से सामान खरीदने के लिए निविदा की नियम एवं शर्तों को नजरअंदाज करने का मामला सामने आया है। सीडीओ ने शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई। इसकी रिपोर्ट जीएम डीआईसी ने सीडीओ को सौंप दी है। जांच अधिकारी ने दोनों निविदा निरस्त करने की संस्तुति करते हुए जैम पोर्टल पर बीओक्यू अलग से डालने, क्यू-2 खत्म करने और यूनिवर्सल कैटेगिरी व कस्टम कैटेगिरी में विड अपलोड करने के लिए रिपोर्ट सौंपी है। इसके बाद दोनों निविदा निरस्त कर दी गईं।
जिले के स्वास्थ्य विभाग ने पिछले माह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर 1.46 करोड़ रुपये की और 40 लाख 24 हजार रुपये के सामान व दवा खरीदने के लिए दो विड जैम पोर्टल पर अपलोड की। दोनों निविदा में नियम एवं शर्तों को नजरअंदाज कर मनचाही फर्म से खरीदारी के लिए अपलोड की गई। जबकि एक फर्म सभी सामान की सप्लाई के लिए ओईएम (ओरिजनल इक्यूपमेंट मैन्युफैक्चर) पत्र नहीं ला सकती। इस मामले को लेकर कई फर्म संचालकों ने आपत्ति दर्ज कराने के साथ लिखित शिकायत पत्र देकर निविदा निरस्त कराने की मांग की।
सीडीओ कुलदीप मीना ने यूपी कार्पोरेशन फर्म के प्रोपराइटर मुनेश मंगल की शिकायत को संज्ञान में लेकर जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त आशुतोष सिंह को मामले की जांच सौंपी। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अनियमितता वाले इस मामले की कई बिंदुओं पर जांच करते हुए कई साक्ष्य मांगते हुए स्वास्थ्य अफसरों से वार्ता की। जांच पूरी होने पर उपायुक्त ने इसकी रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी। जांच अधिकारी के अनुसार जांच में पौने दो करोड़ रुपये की खरीदारी की दोनों निविदा के नियमों में अनदेखी करना सामने आया है। अफसरों का कहना है कि क्यू-2 कैटेगिरी में निविदा डालने पर आमजन की सहभागिता नहीं हो पाती। इसलिए यह अनुचित है। साथ ही क्यू-2 कैटेगरी में निविदा अपलोड करने के लिए जिलाधिकारी से भी अनुमति नहीं ली गई। सामान अनुसार मूल्य की बीओक्यू न डालना भी सामने आया है। उपायुक्त आशुतोष सिंह ने बताया कि क्यू-2 कैटेगरी में विड डालने की अनुमति विभाग के अफसर नहीं दिखा सके। जबकि पारदर्शिता और जन सामान्य की सहभागिता के लिए निविदा में सामान के अनुसार रेट की बीओक्यू डाली जानी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग में सामान और दवा खरीद के लिए जैम पोर्टल पर अपलोड की गई निविदा मामले में नियम एवं शर्तों में बदलाव करने की शिकायत मिली। इसकी जांच कराई गई। जांच टीम ने रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में निविदा की नियम एवं शर्तों में बदलाव करना सामने आने पर निरस्त करने संस्तुति की है। निविदा निरस्त करने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है। - कुलदीप मीना, सीडीओ