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पुरानी पेंशन बहाली के लिए सड़क पर उतरे शिक्षक

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सिकंदराबाद में बीआरसी कार्यालय पर प्रदर्शन करते शिक्षक। - फोटो : SIKANDRABAD
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पुरानी पेंशन बहाली के लिए सड़क पर उतरे शिक्षक
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बुलंदशहर। पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य मांगों के समर्थन में मंगलवार को शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय सहित सभी बीआरसी पर धरना-प्रदर्शन किया। सभी शिक्षक उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले एकत्रित हुए। इसमें शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने बताया कि मंगलवार को बीएसए कार्यालय समेत जिले के सभी बीआरसी कार्यालय पर पुरानी पेंशन बहाली, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, सभी शिक्षामित्र और अनुदेशकों को स्थाई शिक्षक बनाने, मृतक शिक्षकों के आश्रितों को नौकरी देने, संविलयन निरस्त करने, शिक्षकों को पदोन्नति देने, आंगनबाड़ी सहायिका का मानदेय 10 हजार रुपये करने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय 15 हजार रुपये प्रतिमाह और रसोइयों का मानदेय 10 हजार रुपये करने सहित 21 मांगे शामिल हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा कि शिक्षामित्रों की मांगों को सरकार व विभाग की ओर से पूरा नहीं किया जा रहा है। अगर अब सरकार ने मांगें पूरी नहीं कीं तो संघ उग्र आंदोलन करेगा। प्रदर्शन के दौरान शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष कोशल किशोर, मंत्री बाबू सिंह, कोषाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, मीडिया प्रभारी अरुण राठी, सीमा बधौतिया, राकेश भाटी, नरेंद्र कुमार, शिक्षामित्र संघ से महामंत्री सलीम खान, शिव कुमार, राकेश चौधरी आदि मौजूद रहे।
पुरानी पेंशन थी सही, नई पेंशन की कोई गारंटी नहीं
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने बताया कि पुरानी पेंशन की व्यवस्था को केंद्र सरकार ने एक अप्रैल 2004 से बंद कर दिया था। प्रदेश सरकार ने इस पेंशन को एक अप्रैल 2005 में बंद कर दिया था। अब नवीन पेंशन योजना चलाई हुई है लेकिन इसमें पेंशन की कोई गारंटी नहीं है। जबकि पुरानी पेंशन में पूरी गारंटी थी और शिक्षक को मूल वेतन से आधी राशि पेंशन के रूप में मिलती थी। अब सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक और अन्य कर्मचारियों को नई पेंशन से दो से तीन हजार रुपये की पेंशन मिल रही है।
बोले शिक्षक
पुरानी पेंशन में मूल वेतन से आधी राशि पेंशन के तौर पर सेवानिवृत्त होने के बाद मिलती थी। इसमें कर्मचारी को कुछ देना नहीं होता था लेकिन अब नवीन पेंशन योजना में 10 फीसदी राशि कर्मचारी के वेतन से काट ली जाती है। जबकि 14 फीसदी राशि सरकार देती है। रिटायर होने के बाद यह गारंटी नहीं है कि किस कर्मचारी को कितनी पेंशन मिलेगी। - अरुण राठी, जिला मीडिया प्रभारी, उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ।
पुरानी पेंशन बहाली के लिए लगातार शिक्षक और कर्मचारी वर्ष 2005 से आवाज बुलंद करते आ रहे हैं। केंद्र और प्रदेश में सरकार बदलती रहीं लेकिन किसी भी सरकार ने पुरानी पेंशन को बहाल नहीं किया है। ऐसे में अब तो रिटायर होने के बाद चिंता यह बनी रहती है कि बुढ़ापा कैसे कटेगा। इस समय जो भी रिटायर हो रहा है उसे दो से तीन हजार रुपये पेंशन मिल रही है। - कौशल किशोर, जिला महामंत्री, उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ।
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सभी सरकारी कर्मचारियों को नवीन पेंशन से पूरी तरह घाटा है। जबकि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के लिए बुढ़ापे की लाठी थी। पुरानी पेंशन का लाभ 2005 के बाद नियुक्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है। अब तो नवीन पेंशन का लाभ लेने के लिए कर्मचारी के वेतन से ही 10 फीसदी की राशि काट ली जाती है। ऐसे में कर्मचारी को पूरा वेतन भी नहीं मिल पाता है। - बाबू सिंह, जिला मंत्री, उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ।
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