सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद योगेश राज ने किया सरेंडर
बुलंदशहर। स्याना हिंसा के आरोपी और जिला पंचायत सदस्य योगेश राज ने शुक्रवार एडीजे 12 के न्यायालय में समर्पण कर दिया। गत दिनों सुप्रीम कोर्ट ने मृतइंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी रजनी की ओर से डाली गई याचिका पर सुनवाई के बाद योगेश की जमानत पर रोक लगा दी। साथ ही उसे दस जनवरी तक कोर्ट में सरेंडर करने के लिए कहा। इसी के तहत शुक्रवार को योगेश ने कोर्ट में सरेंडर किया। जहां से न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया है। आगामी 20 जनवरी को प्रकरण में तारीख लगी है। जिस पर योगेश कोर्ट में पेश होगा। वहीं, जेल जाते समय योगेश ने न्यायपालिका पर भरोसा जताया है।
योगेश राज शुक्रवार सुबह गांव से करीब 11 बजे पांच से सात गाडिय़ों में चल रहे समर्थकों के साथ कोर्ट के लिए निकला था। न्यायालय परिसर के बाहर तक वह अपने समर्थकों संग आया। योगेश के जेल जाने से पूर्व ही समर्थकों ने फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया साइट़्स पर उसके समर्थन में आने का कैंपेन चलाया। न्यायालय में समर्पण करने से पूर्व योगेश राज ने कहा कि वह चार अक्तूबर 2019 को हाईकोर्ट से मिली जमानत पर बाहर आया था। करीब नौ माह का समय जेल में काटा था। इसी दौरान स्याना क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और निर्विरोध जीता था। तभी से स्थानीय नेताओं के साथ-साथ भाजपा के स्याना विधायक देवेंद्र सिंह लोधी उसे पसंद नहीं करते थे। योगेश ने कहा कि बीते दिनों उन्होंने स्याना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद से ही स्याना विधायक सरकारी अधिवक्ता से सांठगांठ कर और अनावश्यक दबाव बनाकर उनके व सभी आरोपियों के खिलाफ शपथ पत्र सुप्रीम कोर्ट में दिलवाया है। जिसमें कहा गया है कि सभी स्याना कांड के आरोपियों पर हत्या की धारा लगनी चाहिए। वहीं, पूरे प्रकरण में स्याना विधायक ने आरोपों को निराधार बताया है। विधायक देवेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि योगेश भाजपा का सदस्य नहीं है। न ही योगेश के खिलाफ कोई द्वेष भावना है। हमेशा उसकी मदद की है, उसके जेल जाने पर उन्होंने संवेदनाएं भी व्यक्त की और भविष्य में हरसंभव मदद के लिए कहा है।
यह था मामला
तीन दिसंबर 2018 को स्याना क्षेत्र में गोकशी को लेकर जमकर हिंसा हुई थी। हिंसा में तत्कालीन स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह और एक युवक सुमित की मौत हो गई थी। एसआईटी ने जांच कर स्याना हिंसा के मामले में योगेश राज समेत 44 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हाईकोर्ट से आरोपी योगेश राज को जमानत मिल गई, जिस पर इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी रजनी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। 3 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने स्याना हिंसा के आरोपी एवं जिला पंचायत सदस्य योगेश राज को एक सप्ताह के अंदर न्यायालय में समर्पण करने का आदेश दिया था।
अन्य आरोपी से पत्रावली अलग करने की मांग
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर योगेश राज ने न्यायालय में समर्पण किया है। जेल जाने के पीछे उसने कुछ लोगों के होने का कारण भी व्यक्त किया है। साथ ही योगेश ने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताया है। हम भी भविष्य में उसकी पत्रावली अन्य आरोपियों से पृथक करने की न्यायालय से मांग करेंगे। - ब्रूनो भूषण, अधिवक्ता योगेश राज