आत्महत्या के लिए उकसाने पर पति को सात साल की सजा
बुलंदशहर। नगर कोतवाली क्षेत्र में सितंबर 2019 में महिला शहाना की आत्महत्या के मामले में न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी पति, ससुर और देवर को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त पति को सात वर्ष व दो अन्य अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष का कारावास सुनाया है।
अपर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी देवेंद्र माहुर ने बताया कि वादी मोहम्मद नाजिम ने चार सितंबर 2019 को तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी बहन शहाना का निकाह करीब दस वर्ष पूर्व नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला इस्लामाबाद निवासी युवक वसीम अकरम के साथ किया था। निकाह के बाद आरोपी वसीम के अन्य महिलाओं के साथ अवैध संबंध हो गए थे। जिसका उनकी बहन शहाना विरोध करती थी। मायके पक्ष के भी कई बार समझाने के बावजूद आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। आरोपी वसीम का साथ उसके परिजन भी दे रहे थे। बाद में आरोपियों ने उनकी बहन को मारपीट कर घर से निकाल दिया था। जिससे आहत होकर शहाना ने फांसी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने मामले में आरोपी पति वसीम, ससुर अब्बास व देवर मोहसिन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने अब सभी गवाहों के बयानों व साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी पति को दोषी मानते हुए सात वर्ष कारावास व एक हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है। जबकि, आरोपी के पिता अब्बास व भाई मोहसिन को पांच-पांच वर्ष कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।