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Bulandshahar News: अनूपशहर में बुखार से छात्रा की मौत

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अनूपशहर। क्षेत्र में वायरल बुखार का प्रकोप बना हुआ है। रविवार शाम बुखार से पीड़ित अनीवास निवासी कक्षा एक की छात्रा ने दम तोड़ दिया। पीड़िता को पिछले 15 दिनों से बुखार था और परिजन दिल्ली में उपचार करवा रहे थे। वहीं, क्षेत्र के सरकारी चिकित्सालयों में प्रतिदिन बुखार पीड़ित मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
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गांव निवासी रूपकुमार की पांच वर्षीय पुत्री गीता गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक की छात्रा थी। पिता रूप कुमार ने बताया कि गीता को 15 दिन पूर्व बुखार हुआ। ब्लड जांच कराने पर टायफाइड निकला। शुरुआत में अनूपशहर के एक निजी चिकित्सक से इलाज कराया। कुछ दिन उपचार चलने के बाद वह स्वस्थ हो गई। चार दिन पूर्व गीता को फिर से बुखार हो गया। शुरुआत में बिरौली गांव में, फिर जहांगीराबाद ले गए। वहां से बुलंदशहर ले आए। बुलंदशहर से गीता की हालत गंभीर बताकर दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। दिल्ली में चिकित्सक ने जांच कर गीता के पेट में इंफेक्शन बताया, जो दिमाग तक पहुंच गया और बुखार भी था। उपचार के दौरान गीता ने रविवार को दम तोड़ दिया। छात्रा के पिता दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में टेक्नीशियन है।
सीएचसी पर बढ़ रही मरीजों की संख्या
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इन दिनों वायरल बुखार समेत अन्य मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। पूर्व में जहां सीएचसी पर 250 से 300 मरीज आते, अब इनकी संख्या 400 से 500 तक पहुंच गई है। सीएचसी प्रभारी डॉ. पीके मिश्रा ने बताया कि इन दिनों वायरल बुखार, टायफाइड के मरीज अधिक आ रहे हैं। बुखार होने पर झोलाछाप की बजाय सरकारी अस्पताल में आकर डॉक्टर से परामर्श लें। घरों के आसपास गंदे पानी का जमाव न होने दें।
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मौसम बदलने से डायरिया की चपेट में आ रहे लोग

बुलंदशहर। मौसम में हुए बदलाव से लोग फिर से डायरिया की चपेट में आने लगे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी रही। ओपीडी में 374 मरीज वायरल बुखार, पेटदर्द, उल्टी-दस्त तो 204 मरीज एलर्जी के पहुंचे। जबकि आंखों में एलर्जी और अन्य बीमारियों के भी मरीज उपचार कराने पहुंचे। फिजिशियन डॉ. चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि मौसम बदलने पर लापरवाही न बरते। लापरवाही बरतनें पर लोग संक्रमण रोगों की चपेट में आ रहे हैं। ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों को परामर्श दिया जा रहा है।

बुखार से मृतक छात्रा की जानकारी ली जा रही है। गांव में कोई बुखार से पीड़ित है तो शिविर लगाकर उपचार एवं जांच की जाएगी। लोग एहतियात बरतें और बुखार होने पर पंजीकृत चिकित्सक या सरकारी चिकित्सालय में उपचार कराएं। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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