फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज बंद रहेंगे जिले के सभी निजी अस्पताल और क्लीनिक

विज्ञापन
विज्ञापन
आज बंद रहेंगे जिले के सभी निजी अस्पताल और क्लीनिक
विज्ञापन

बुलंदशहर। आप बीमार है या किसी बीमारी को लेकर आज यानी शनिवार को निजी अस्पताल जाना चाह रहे है तो न आएं, क्योंकि आईएमए के आह्वान पर शनिवार को जिलेभर के निजी अस्पताल और क्लीनिक सुबह से लेकर शाम तक बंद रहेंगे। राजस्थान में एक महिला चिकित्सक पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने और चिकित्सक की आत्महत्या के विरोध में आईएमए ने बंदी का आह्वान किया है।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल और सचिव डॉ. रीना शर्मा ने बताया कि राजस्थान के दौसा स्थित आनंद हॉस्पिटल में कार्यरत डॉ. अर्चना शर्मा द्वारा पिछले दिनों एक महिला का चौथा प्रसव किया गया। प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होने से महिला की मौत हो गई। महिला की मौत पर परिजनों द्वारा चिकित्सक पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इससे महिला चिकित्सक ने तनाव में आत्महत्या कर ली। इस घटना से देशभर के चिकित्सा समाज में भारी रोष उत्पन्न हो गया है। आईएमए महिला चिकित्सक की मौत पर संवेदना व्यक्त करती है। साथ ही शनिवार को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक सभी क्लीनिक और नर्सिंग होम बंद रखने का फैसला लिया है। इसके बाद रात्रि आठ बजे नगर के कालाआम चौराहा स्थित मलका पार्क पर कैंडल मार्च निकाला जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन डीएम को सौंपा जाएगा।
विज्ञापन

200 के करीब निजी अस्पताल और क्लीनिक रहेंगे बंद
जिले में आईएमए से करीब 50 से 60 हॉस्पिटल और 150 क्लीनिक जुड़े हुए हैं। ये सभी सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक बंद रहेंगे। ऐसे में इन अस्पतालों में ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं भी बंद रखी जाएंगी। लोगों की परेशानियों को देख पहले से अस्पताल में भर्ती मरीजों की बंदी से पूर्व जांच कर दवाएं आदि दे दी जाएंगी। इसके बाद बंदी का समय समाप्त होने पर चिकित्सक भर्ती मरीजों को देख सकेंगे।
निजी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं अधिकतर लोग
जिले के अंदर अधिकतर सरकारी अस्पतालों की स्थिति खराब है। कहीं चिकित्सकों की कमी है तो कहीं दवा नहीं है। ऐसे में लोग निजी अस्पतालों पर ही उपचार कराने के लिए जाते हैं। निजी अस्पताल बंद होने के कारण सरकारी अस्पतालों पर ज्यादा भीड़ रहेगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसके लिए भी तैयारी कर ली है, जिससे मरीज और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन

चिकित्सक मरीज को बचाने का ही प्रयास करता है लेकिन अचानक हुई घटना से सारी जिम्मेदारी चिकित्सक के सिर पर आ जाती है। राजस्थान में चिकित्सक के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट की हम सभी निंदा करते हैं। बंदी को सफल बनाने के लिए सभी निजी अस्पताल संचालकों और क्लीनिक संचालकों से सहयोग मांगा गया है। - डॉ. संजीव अग्रवाल, आईएमए अध्यक्ष
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें