जेल प्रशासन अब अपराधियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एनजीओ की मदद से प्रशिक्षण अभियान चलाएगा। इससे जेल से बाहर आने पर अपराधी रोजगार के हुनर में पारंगत होंगे। ऐसे में वह अपराध की विचारधारा छोड़कर समाज में सम्मान की जीवन जी सकेंगे।
जेल अफसरों ने एनजीओ की मदद से 18 से 40 आयुवर्ग के कैदियों को प्रशिक्षण देने की तैयारी कर ली है। जेल बंद अपराधियों को आत्म निर्भर बनाया जाएगा। ताकि वह जेल से बाहर आने के बाद समाज के सम्मानित लोगों के साथ इज्जत से जीवन बसर कर सकें।
ऐसे में इनको रोजी रोटी के लिए दोबारा से अपराध का सहारा लेना नहीं पड़ेगा। इसके लिए जेल में ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाकर बंदियों को स्व रोजगार में दक्ष बनाएगा।
जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि जिला कारागार में बंद 18-40 आयु वर्ग के बंदियों को आत्म निर्भर बनाने के लिए रोजगार परख ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाए जाएंगे। बंदियों को मोबाइल रिपेयरिंग, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल, कागज के बैग बनाना, कारपेंटर आदि कार्यों की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रथम चरण में करीब 300 बंदियों को प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके एनजीओं की मद्द लेंगे।