संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर/बीबीनगर/डिबाई/जहांगीराबाद/स्याना। जिले में शुक्रवार सुबह से शाम तक रुक-रुक कर झमाझम बारिश से शहर से गांव तक जलभराव हो गया। जलभराव से जनजीवन प्रभावित होने के साथ किसानों की धान की फसल भी गिर गई। दलहन और सब्जी की फसलों को भी नुकसान हो सकता है। 70 एमएम हुई झमाझम बारिश से इस सीजन का रिकॉर्ड टूट गया। मौसम वैज्ञानिक अभी बारिश जारी रहने की संभावना जता रहे हैं।
इस बार मानसून भी समय पर आया लेकिन, भादों के शुरू होते ही मौसम ने करवट बदली और कहीं अधिक तो कहीं कम बारिश का सिलसिला जारी रहा। अब तक इस सीजन में रिकॉर्ड 50 एमएम तक बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह से ही नगर से लेकर देहात तक झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे बाजार और मोहल्लों की गलियां पानी से लबालब हो गईं। कालाआम, कलक्ट्रेट, मोहल्ला साठा, अंसारी रोड बाजार, बूरा बाजार अस्पताल रोड, टीचर कॉलोनी, देवीपुरा, बीसा कॉलोनी, राधानगर, यमुनापुरम, सूर्यनगर और अनूपशहर बस अड्डा क्षेत्र के मोहल्लों में जलभराव होने से लोगों के साथ वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा जहांगीराबाद, शिकारपुर, डिबाई, औरंगाबाद, अहार, ऊंचागांव, स्याना, अनूपशहर समेत जिले के अन्य हिस्सों में भी अच्छी बारिश हुई। यहां भी कई जगह लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ा।
जलभराव से वाहन चालकों को गड्ढे दिखाई नहीं दिए और वाहन हिचकोले खाते रहे। डिबाई में बारिश से बाजार व मोहल्लों की गलियां पानी से लबालब हो गईं। जल निकासी के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज ने बताया कि अभी बारिश लगातार जारी रहेगी। शुक्रवार को हुई बारिश से अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 87 फीसदी और हवा की गति छह से आठ किलोमीटर प्रति घंटे रही। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को रुक-रुक हुई 70 एमएम झमाझम बारिश ने इस सीजन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
धान की फसल गिरी, अन्य फसलों को भी हो सकता है नुकसान
शुक्रवार को हुई रिकॉर्ड झमाझम बारिश के बीच जिले में जगह-जगह धान की फसल गिर गई। यह वह धान की फसल है, जिसमें इस समय बाली आ रही है। ऐसे में किसानों को फसल के खराब होने की चिंता सता रही है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. रेशु सिंह का कहना है लगातार बारिश होने से अन्य फसलों को भी नुकसान की संभावना है। खेतों में पानी भरने और बारिश जारी रहने से उड़द और मूंग समेत सब्जी की फसलों को भी नुकसान हो सकता है।
स्कूलों में छात्रों की संख्या रही कम
शुक्रवार सुबह शुरू हुई बारिश से 50 फीसदी से अधिक छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं पहुंच सके। कार्यालय और जरूरी काम वाले भी अपने गंतव्य पर देरी से पहुंचे। बाजारों में भी रौनक कम रही। हालांकि दोपहर के समय ऐसा लग रहा था कि अब बारिश नहीं होगी लेकिन, फिर बारिश होने से लोगों को घर लौटते समय भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी राहगीर और दो पहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ी।
स्कूल में भरा पानी, वीडियो वायरल
जिले के गांव कुटैना स्थित परिषदीय स्कूल में जलभराव हो गया। सोशल मीडिया पर स्कूल में जलभराव होने का वीडियो वायरल है। वायरल वीडियों में स्कूल में पानी भरा हुआ है और बच्चे इधर-उधर घूमते दिखाई दे रहे हैं। बीएसए डॉ.लक्ष्मीकांत पांडेय का कहना है कि इस वीडियो की जांच कराई जाएगी। शिक्षकों को पानी निकालकर स्कूल में कक्षाओं का संचालन करने के निर्देश दिए जाएंगे।