संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश पर अधिवक्ताओं ने अपमान का आरोप लगाया है। मामले में शुक्रवार को डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन की संयुक्त सभा डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मपाल शर्मा के नेतृत्व में हुई। बैठक में अध्यक्ष धर्मपाल शर्मा ने बताया कि अधिवक्ता कुलजीत यादव ने परिवार न्यायालय के न्यायाधीश के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर वरिष्ठ अधिवक्ता भूप सिंह भाटी ने कहा कि परिवार न्यायालय के न्यायाधीश का व्यवहार अधिवक्ताओं के प्रति काफी खराब है। रुकन सिंह पायल ने कहा कि ऐसे न्यायाधीश की कोर्ट का बहिष्कार किया जाना चाहिए। हालांकि इससे पहले डिस्ट्रिक्ट और सिविल बार एसोसिएशन को पहले जिला न्यायाधीश और लखनऊ एजे को शिकायत देनी चाहिए। इस दौरान तय किया गया कि सात सितंबर से प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय की कोर्ट का बहिष्कार किया जाएगा। जब तक न्यायाधीश का अन्य जिले में तबादला नहीं होता है तब तक बहिष्कार जारी रखा जाएगा। इस दौरान कोई भी अधिवक्ता काम नहीं करेगा और यदि करता पाया गया तो पांच सदस्यीय टीम की निगरानी के बाद संबंधित की सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। मौके पर सचिव पवन कुमार निम, उपेंद्र शर्मा, मुकेश चौधरी, वीरेंद्र शर्मा, हुकुम सिंह, आरएन शर्मा मौजूद रहे।