एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सर्राफा बाजार 28वें दिन बुधवार को भी बंद रहा। व्यापारियों ने सुबह विष्णु प्यारी धर्मशाला में बैठक की और उसके बाद अर्धनग्न होकर बाजार में जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया।
अर्धनग्न जुलूस सर्राफा बाजार से चलकर लालकुआं, चौक बाजार, अंसारी रोड और अस्पताल रोड से होता हुआ कालाआम पर पहुंची। यहां व्यापारियों ने प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद जुलूस मोतीबाग और डिप्टी गंज होता होता हुआ वापस बाजार में जाकर संपन्न हुआ।
प्रताप सिंह वर्मा और किशन वर्मा ने बताया कि बाजार बंद और आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती। शाम के समय विष्णु प्यारी धर्मशाला में सभी व्यापार मंडल, मेडिकल एसोसिएशन, पेट्रोल एसोसिएशन आदि की बैठक हुई।
अनिल शर्मा ने एकता और अखंडता बनाए रखने की अपील करते हुए युवाओं को आंदोलन प्रचंड करने की बात कही। इस मौके पर सतीश चंद, राजकुमार, नवीन अग्रवाल, रमेश चंद, दिनेश चंद, राजकुमार, त्रिलोक घंसल, सुदेश भारद्वाज, शशांक, धीरज, प्रिंस, रामजी शर्मा, अशोक वर्मा, रामकुमार, राजकिशोर, अनिरुद्ध भारद्वाज, मनमोहन वर्मा, नरेश वर्मा आदि व्यापारी मौजूद रहे।
औरंगाबाद में व्यापारियों ने निकाला जुलूस
सर्राफा व्यापारियों ने एक्साइज डयूटी समाप्त न करने के विरोध में जुलूस निकाला। जुलूस सदर बाजार से शुरू हुआ और सब्जी मंडी, पवसरा रोड़, नई बस्ती, सादात होता हुआ जहांगीराबाद मोड़ चौराहे पर पहुंचा।
गुलावठी में खुलने लगीं दुकानें
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में चल रही हड़ताल के 29वें दिन बाद बुधवार को सर्राफा व्यापारियों की कई दुकानें खुल गई। दुकानें खोलने वाले सर्राफा व्यापारी एक दूसरे पर पहले दुकान खोलने की बात कह रहे थे। वहीं स्वर्णकार समाज विकास समिति के अध्यक्ष दीपक वर्मा ने दावा किया है कि सर्राफा व्यापारियों की हड़ताल केंद्र सरकार के एक्साइज ड्यूटी वापस लेने तक जारी रहेगी।