प्रस्तावित बोर्ड बैठक के स्थगन की सूचना पर पालिका पहुंचे सभासदों ने जमकर हंगामा किया। सभासदों की ईओ एके सिंह से तीखी नोकझाेंक भी हुई। सभासदों के हंगामे के बाद 1.45 घंटे की देरी से चेयरपर्सन बोर्ड बैठक में पहुंची। उसके बाद सदन की कार्रवाई शुरू हुई। सदन में 118 प्रस्तावों में से एक भी प्रस्ताव पारित नहीं हुआ।
30 मार्च को पालिका की बोर्ड बैठक प्रस्तावित थी। ईओ एके सिंह ने सभासदों को सूचना दी कि अस्वस्थ होने के कारण चेयरपर्सन बोर्ड बैठक में नहीं आ सकतीं। तीन माह बाद हो रही बोर्ड बैठक के स्थगन की सूचना पर सभासदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान सभासदों की कई बार ईओ से नोकझोंक हुई।
गुस्साए सभासदों ने चेयरपर्सन द्वारा भेजा गया सूचना पत्र भी फाड़कर फेंक दिया। हंगामे के चलते चेयरपर्सन 1.45 घंटे देरी से पालिका पहुंचीं, इसके बाद कार्रवाई शुरू हुई। सभासद संजय यादव और हाजी साजिद अंसारी ने बताया कि पालिका भष्टाचार का केंद्र बन चुकी है। जानबूझकर बोर्ड बैठक को स्थगित किया गया था।
ईओ एके सिंह ने बताया कि चेयरपर्सन का स्वास्थ्य खराब होने के कारण बैठक के स्थगन की पूर्व सूचना नहीं दी जा सकी। मगर उनके आने पर बैठक हुई। अब हर माह के बुधवार को बोर्ड बैठक होगी।